Vaisakh Month 2026 Rules: दरिद्रता का कारण बनती हैं, वैशाख माह में की गई ये गलतियां
punjabkesari.in Monday, Mar 30, 2026 - 11:27 AM (IST)
Vaisakh Month mistakes 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा के अगले दिन से वैशाख मास की शुरुआत होती है। वर्ष 2026 में वैशाख माह 3 अप्रैल से शुरू होकर 1 मई तक रहेगा। धार्मिक दृष्टि से यह महीना अत्यंत पवित्र और फलदायी माना जाता है।
मान्यता है कि इस दौरान किए गए स्नान, दान और पूजा-पाठ से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी माह में अक्षय तृतीया जैसे शुभ पर्व भी आते हैं, जो हर प्रकार के मांगलिक कार्यों के लिए श्रेष्ठ माने जाते हैं। हालांकि, इस पवित्र माह में कुछ गलतियां करने से व्यक्ति को आर्थिक हानि और मानसिक कष्ट का सामना भी करना पड़ सकता है।

वैशाख माह का धार्मिक महत्व
शास्त्रों के अनुसार, वैशाख मास में गंगा स्नान, दान-पुण्य, और जीव-जंतुओं की सेवा का विशेष महत्व होता है। इस महीने में किया गया हर शुभ कार्य कई गुना फल देता है, इसलिए इसे पुण्य अर्जित करने का श्रेष्ठ समय माना गया है।

वैशाख माह में न करें ये 5 गलतियां
देर तक सोना
वैशाख माह में सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना शुभ माना गया है। जो व्यक्ति इस दौरान देर तक सोता है, उस पर मां लक्ष्मी की कृपा नहीं होती। ब्रह्म मुहूर्त में उठना अत्यंत लाभकारी है।
तामसिक भोजन का सेवन
इस महीने सात्विक जीवन अपनाने की सलाह दी जाती है। मांसाहार, शराब, प्याज और लहसुन जैसे तामसिक खाद्य पदार्थों से परहेज करना चाहिए, अन्यथा पुण्य फलों में कमी आ सकती है।
दिन में सोना
शास्त्रों में दिन के समय सोने से बचने की सलाह दी गई है। ऐसा करने से रोग और दोष बढ़ने की संभावना रहती है।
जल की बर्बादी करना
वैशाख माह गर्मी का समय होता है, इसलिए जल का विशेष महत्व है। पानी की बर्बादी करना या जरूरतमंद को पानी न देना अशुभ माना जाता है। पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करना पुण्यदायी होता है।
दान-पुण्य की अनदेखी
इस महीने दान-पुण्य न करना भी एक बड़ी गलती मानी जाती है। जरूरतमंदों की सहायता करना और सेवा भाव रखना अत्यंत आवश्यक है।

पुण्य प्राप्ति के लिए करें ये उपाय
अक्षय तृतीया का महत्व
वैशाख माह में आने वाला अक्षय तृतीया का पर्व खरीदारी और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

जल दान
प्याऊ लगवाना, मटके दान करना या राहगीरों को पानी पिलाना इस माह का सबसे बड़ा पुण्य कार्य माना गया है।
पंखा और छाता दान
गर्मी से राहत देने वाली वस्तुएं जैसे पंखा, छाता या सत्तू दान करने से पितृ दोष शांत होते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है।
वैशाख माह पुण्य कमाने का श्रेष्ठ अवसर है, लेकिन इस दौरान अनुचित कार्यों से बचना भी उतना ही जरूरी है। सही आचरण, संयम और सेवा भाव से इस पवित्र महीने का लाभ कई गुना बढ़ाया जा सकता है।

