Trump Oval Office Prayer: ईरान जंग के बीच ट्रंप के लिए ओवल ऑफिस में हुई खास प्रार्थना, हाथ रखकर आशीर्वाद देने की परंपरा पर क्यों हो रही चर्चा?
punjabkesari.in Friday, Mar 06, 2026 - 03:24 PM (IST)
Oval Office Evangelical Prayer: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में एक विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई। इस प्रार्थना के दौरान कई पादरियों ने ट्रंप के ऊपर हाथ रखकर ईश्वर से उनके लिए आशीर्वाद और सुरक्षा की कामना की। इस घटना की तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई कि क्या यह कोई जादू-टोना था या ईसाई धर्म की किसी विशेष परंपरा का हिस्सा।
दरअसल, यह प्रार्थना इवेंजेलिकल ईसाई परंपरा का एक सामान्य धार्मिक तरीका है, जिसमें किसी व्यक्ति के लिए ईश्वर से शक्ति और मार्गदर्शन की प्रार्थना करते समय उस पर हाथ रखा जाता है।
ओवल ऑफिस में हुई विशेष प्रार्थना सभा
जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में देशभर के पादरियों और ईसाई धर्म से जुड़े कई प्रमुख नेताओं को आमंत्रित किया था। इस दौरान ओवल ऑफिस में एक प्रार्थना सभा आयोजित की गई।
इस सभा की तस्वीर व्हाइट हाउस की कम्युनिकेशन्स एडवाइजर मार्गो मार्टिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर साझा की। तस्वीर में देखा जा सकता है कि ट्रंप अपनी डेस्क पर बैठे हैं और उनके चारों ओर खड़े पादरी उनके ऊपर हाथ रखकर प्रार्थना कर रहे हैं।
पास्टर टॉम मुलिन्स ने की मुख्य प्रार्थना
इस प्रार्थना सभा का नेतृत्व पास्टर टॉम मुलिन्स ने किया, जो क्राइस्ट फेलोशिप चर्च के संस्थापक हैं। उन्होंने प्रार्थना करते हुए ईश्वर से राष्ट्रपति और अमेरिकी सेना के लिए सुरक्षा और मार्गदर्शन की कामना की।
प्रार्थना के दौरान उन्होंने कहा, “हम प्रार्थना करते हैं कि आप राष्ट्रपति पर अपना आशीर्वाद और सुरक्षा बनाए रखें। हमारे सैनिकों और सशस्त्र बलों में सेवा कर रहे सभी पुरुषों और महिलाओं को अपनी कृपा और संरक्षण दें। हमारे राष्ट्रपति को देश का नेतृत्व करने के लिए शक्ति प्रदान करें, ताकि हम ईश्वर के अधीन एक राष्ट्र बने रहें।”
क्या यह जादू-टोना था?
सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इस प्रार्थना को लेकर सवाल उठाए कि क्या यह किसी प्रकार का जादू-टोना था। हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार ऐसा बिल्कुल नहीं है।
ईसाई धर्म में ‘लेइंग ऑन ऑफ हैंड्स’ (Laying on of Hands) नाम की एक परंपरा है, जिसमें किसी व्यक्ति के लिए प्रार्थना करते समय उसके ऊपर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया जाता है। यह तरीका बाइबिल में भी कई स्थानों पर वर्णित है।
बाइबिल में भी मिलता है उल्लेख
धार्मिक विद्वानों के अनुसार, बाइबिल के Acts और Hebrews जैसे ग्रंथों में इस परंपरा का उल्लेख मिलता है। इसमें लोगों को आशीर्वाद देने, शक्ति प्रदान करने और ईश्वर से मार्गदर्शन की प्रार्थना करने के लिए हाथ रखने की बात कही गई है।
इसी वजह से यह ईसाई धर्म में एक सामान्य धार्मिक अभ्यास माना जाता है।
ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच हुई प्रार्थना
यह प्रार्थना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने ईरान की राजधानी तेहरान सहित कई शहरों में हवाई हमले किए हैं।
अमेरिकी रक्षा विभाग का कहना है कि B-2 बॉम्बर्स ईरान के अंदर छिपे बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर ठिकानों को निशाना बना रहे हैं।
जंग में दोनों पक्षों को नुकसान
रिपोर्ट्स के अनुसार इस संघर्ष में दोनों देशों को नुकसान हुआ है। अमेरिकी सेना ने आधिकारिक तौर पर बताया है कि इस संघर्ष में उसके 6 सैनिकों की मौत हुई है। वहीं ईरान में अब तक 1200 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई है।
