Surya Gochar 2026: 15 जून को सूर्य का महागोचर, इन 3 राशियों के लिए शुरू होगी अग्नि परीक्षा
punjabkesari.in Tuesday, Jun 02, 2026 - 09:39 AM (IST)
Sun Transit in Gemini Impact on Zodiac Signs: ज्योतिष शास्त्र में 'ग्रहों के राजा' माने जाने वाले सूर्य देव जल्द ही अपनी चाल बदलने जा रहे हैं। 15 जून 2026 को सूर्य देव वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। इस महत्वपूर्ण खगोलीय घटना को मिथुन संक्रांति के रूप में मनाया जाएगा। खास बात यह है कि इसी दिन अधिकमास का भी समापन हो रहा है, जिससे इस दिन का महत्व और बढ़ गया है।

सूर्य देव को आत्मा, पिता और आत्मविश्वास का कारक माना जाता है। उनके इस गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन ज्योतिषीय गणना के अनुसार 3 विशेष राशियों के लिए यह समय किसी 'अग्नि परीक्षा' से कम नहीं रहने वाला है।
मेष राशि: मेष राशि के लिए सूर्य का मिथुन राशि में आना ज्योतिष और ग्रहों के हलचल की दृष्टि से बहुत खास रहने वाला है। बड़े लेवल पर होने वाली हलचल से बड़े दूरगामी असर होंगे। जीवन के हर स्तर पर कई बदलाव देखने को मिलेंगे। जो महत्वपूर्ण साबित होंगे। लोग अपना रंग दिखाना शुरू करेंगे।
वृषभ राशि: शुक्र की राशि वृषभ वालों को धन संबंधित लेन-देन और खर्च पर बेहद ध्यान देने की आवश्यकता है। विरोधी षड्यंत्र रचेंगे, हर कदम फूंक-फूंक कर रखें। ऑफिशियल कार्यों में सावधानी बरतें। किसी फंक्शन में कहासुनी हो सकती है, बहसबाजी से बचें। रेपुटेशन बिगड़ने का चान्स है।
मकर राशि: जीवन नया मोड़ लेगा। छुटपुट झगड़े सिर उठाएंगे। सूझबूझ से मेटर्स सुलझेंगे। बढ़ते खर्च पर लगाम लगाएं। मानसिक थकान का अनुभव करेंगे। परिश्रम की तुलना में फल कम मिलेगा। संतान के विषय में चिंता रहेगी। भाई-बहन से मनमुटाव दूर होगा। वैचारिक परिवर्तन होगा। पेट दर्द से परेशानी होगी।

मिथुन संक्रांति का महत्व
प्रत्येक माह सूर्य के राशि परिवर्तन के साथ-साथ ऋतु परिवर्तन होता है। जब-जब सूर्य राशि परिवर्तन करते हैं तो उसे सूर्य संक्रांति के रूप में मनाया जाता है। सूर्य का राशि परिवर्तन प्रत्येक राशि में अपना विशेष महत्व लिए होता है। जेष्ठ मास में सूर्य भगवान वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे कि मिथुन संक्रांति के रूप में मनाया जाता है। जो अत्यंत शुभ फलदायक होती है
धार्मिक आस्था है कि सूर्य देव की नित्य पूजन से मनुष्य को समृद्धि, मान-सम्मान यश की प्राप्ति होती है। प्रतिदिन इनकी पूजा से व्यक्ति में आस्था और विश्वास पैदा होता है। शास्त्रों के मुताबिक निरंतर कर्म ही धर्म है की सीख व भावना के साथ सूर्यदेव की उपासना से रोगमुक्त, ऊर्जावान और ऊंचा ओहदा पाकर शक्ति संपन्नता प्राप्त होती है।
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