Suhag items sharing rules : सुहाग की किनचीजों को बांटना माना जाता है अशुभ, जानिए क्या कहता है शास्त्र
punjabkesari.in Sunday, Jul 05, 2026 - 12:26 PM (IST)
Suhag items sharing rules : सनातन धर्म में विवाहित महिलाओं से जुड़े कई ऐसे धार्मिक नियम और पारंपरिक विश्वास बताए गए हैं, जिनका संबंध सुहाग, सौभाग्य और परिवार की सुख-समृद्धि से जोड़ा जाता है। मान्यता है कि कुछ वस्तुएं केवल उपयोग की चीजें नहीं होतीं, बल्कि उनमें सुहाग और सकारात्मक ऊर्जा का भी प्रतीकात्मक महत्व माना जाता है। यही कारण है कि इन वस्तुओं के उपयोग और उन्हें दूसरों के साथ साझा करने को लेकर भी कई मान्यताएं प्रचलित हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विवाहित महिलाओं को कुछ विशेष चीजें किसी अन्य विवाहित महिला के साथ साझा करने से बचना चाहिए। कहा जाता है कि ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में तनाव, आर्थिक परेशानियां या सौभाग्य में कमी जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में सवाल यह पैदा होता है कि आखिर वह कौन-सी चीज़ें है जिन्हें किसी के साथ नहीं बांटना चाहिए। तो आइए जानते हैं कि ऐसी कौन सी वस्तुएं हैं, जिन्हें शादीशुदा महिलाओं को किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए।
मांग का सिंदूर
सबसे पहली चीज़ की बात करें तो वह है सिंदूर। धार्मिक मान्यताओं में सिंदूर को सुहाग की निशानी माना जाता है। कहा जाता है कि कभी भी किसी दूसरी महिला को खुद का इस्तेमाल किए जाने वाला सिंदूर नहीं देना चाहिए और न ही किसी और की सिंदूर की डिब्बी से सिंदूर लगाना चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करना अशुभ होता है। कहा जाता है कि किसी को सिंदूर देना या किसी से सिंदूर मांगना वैवाहिक जीवन में परेशानियां पैदा कर सकता है, साथ ही इससे पति-पत्नी के बीच में प्रेम कम होता है और सौभाग्य पर संकट आ सकता है।
शादी का जोड़ा
शादी के दिन पहनी गई चुनरी, साड़ी या फिर अन्य वस्त्र जिसे आपने अपने विवाह में पहना हो, किसी को भी भूलकर नहीं देना चाहिए। कहा जाता है कि यदि आप किसी को अपना शादी का जोड़ा पहनने को देते हैं तो इससे आपके सौभाग्य के साथ-साथ समृद्धि में भी कमी आ सकती है।
चूडियां
तीसरी चीज़ है चूडियां। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चुड़ियों को विवाहित महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। माना जाता है कि विवाहित महिला की चूड़ियां उसके सौभाग्य और खुशहाली का प्रतीक होती हैं। इसी कारण अपनी पहनी हुई चूड़ियां किसी अन्य सुहागिन को पहनने के लिए देने से बचना चाहिए। कहा जाता है कि किसी को अपनी चुड़ियां देने से भाग्य कमज़ोर हो सकता है।
माथे की बिंदी
अगली यानी की चौथी वस्तु की बात करें तो वह है माथे की बिंदी। जी हां, सुहाग की निशानियों में बिंदी को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया जाता है। कहा जाता है कि अगर किसी को बिंदी की ज़रूरत है तो उन्हें हमेशा नई बिंदी दे। कभी भी अपने माथे पर लगी बिंदी उतार कर किसी को न दें। ऐसा करना अच्छा नहीं माना जाता। कहा जाता है कि ऐसा करने से पति के साथ संबंध विच्छेद का खतरा बढ़ सकता है।
बिछिया
पांचवी और आखिरी वस्तु की बात करें तो वह है बिछिया। धार्मिक परंपराओं में बिछिया को भी विवाहित महिला के सुहाग से जोड़ा गया है और इसे केवल शादीशुदा महिलाएं ही धारण कर सकती हैं। मान्यता है कि इसे किसी अन्य महिला को पहनने के लिए नहीं देना चाहिए क्योंकि मान्यता है कि इससे सौभाग्य छिन सकता है और आर्थिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में इसका व्यक्तिगत उपयोग ही उचित माना जाता है।
शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
