Shivling Ke Upay for Anger Control: ज्यादा गुस्सा आता है? शिवलिंग से जुड़ा यह उपाय दिला सकता है मानसिक शांति
punjabkesari.in Saturday, Jan 31, 2026 - 09:41 AM (IST)
Shivling Ke Upay for Anger Control: आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में गुस्सा, मानसिक तनाव और चिड़चिड़ापन आम समस्या बनते जा रहे हैं। छोटी-छोटी बातों पर मन अशांत हो जाता है, जिसका असर न केवल सेहत पर बल्कि रिश्तों और कार्यक्षमता पर भी पड़ता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिवलिंग से जुड़े कुछ सरल उपाय मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन पाने में सहायक माने जाते हैं। इन्हीं उपायों में से एक है शिवलिंग पर दही चढ़ाने की परंपरा।

शिवलिंग पर दही चढ़ाने का धार्मिक महत्व
शिव पूजा में जल, दूध, बेलपत्र और दही अर्पित करने की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, शिवलिंग ऊर्जा, संतुलन और शांति का प्रतीक है। वहीं दही को ठंडी तासीर वाला और सुकून देने वाला माना जाता है, जिसका संबंध मन की शांति और भावनात्मक स्थिरता से जोड़ा जाता है।

गुस्सा और बेचैनी कम करने का उपाय
मान्यता है कि जिन लोगों को जल्दी गुस्सा आता है या जो भीतर ही भीतर बेचैनी महसूस करते हैं, उनके लिए दही से शिवलिंग का अभिषेक लाभकारी माना जाता है। दही की ठंडक मन की ‘गर्मी’ को शांत करने का प्रतीक मानी जाती है। विशेष रूप से सोमवार के दिन यह उपाय करने से मानसिक तनाव कम होने की कामना की जाती है।

स्वास्थ्य और आंतरिक मजबूती की कामना
दही को आयुर्वेद में सेहत के लिए लाभकारी माना गया है। इसी कारण इसे शिवलिंग पर चढ़ाना शरीर और मन, दोनों को मजबूत करने का प्रतीक माना जाता है। जो लोग बार-बार बीमार पड़ते हैं या कमजोरी महसूस करते हैं, वे इस पूजा को श्रद्धा के साथ कर अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करते हैं।
घर के माहौल में आएगी शांति
घर में बार-बार होने वाले झगड़े और रिश्तों में बढ़ती कड़वाहट भी मानसिक अशांति का कारण बनती है। दही को शांति और सौम्यता का प्रतीक माना जाता है। इसलिए शिवलिंग पर दही चढ़ाने से घर के वातावरण में सकारात्मकता और संतुलन आने की कामना की जाती है।

डर, भ्रम और मानसिक तनाव होगा कम
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, दही का संबंध चंद्र ग्रह से बताया गया है। चंद्र को मन और भावनाओं का कारक माना जाता है। जिन लोगों का चंद्र कमजोर होता है, वे शिवलिंग पर दही अर्पित कर मन के डर, भ्रम और अस्थिरता को कम करने की प्रार्थना करते हैं।
खुद में सकारात्मक बदलाव लाने का संकेत
भगवान शिव को भोलेनाथ कहा जाता है, क्योंकि वे सच्चे मन से की गई प्रार्थना से ही प्रसन्न हो जाते हैं। उनका स्वरूप शांत और करुणामय है, लेकिन रुद्र रूप भी संतुलन का प्रतीक है। ऐसे में गुस्से पर नियंत्रण पाने और खुद में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए दही से अभिषेक करना आस्था का प्रतीक माना जाता है।

शिवलिंग पर दही चढ़ाने की आसान विधि
सुबह स्नान के बाद साफ मन से पूजा करें। शिवलिंग पर थोड़ा सा दही अर्पित करें। साथ में जल चढ़ाएं। मन में अपनी परेशानी रखते हुए शांति की प्रार्थना करें।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
शिवलिंग पर बहुत अधिक दही न चढ़ाएं। पूजा के बाद शिवलिंग और आसपास की जगह की साफ-सफाई जरूर करें। यह समझना जरूरी है कि केवल पूजा से ही जीवन की सारी समस्याएं समाप्त नहीं होतीं। आस्था के साथ सही कर्म, आत्मनियंत्रण और प्रयास भी जरूरी हैं।

