Shattila Ekadashi 2020: इस दिन जरूर करें इन 6 तरीकों से तिल का प्रयोग, दूर होगा दुर्भाग्य

1/15/2020 4:10:40 PM

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
माघ का महीना बहुत ही पवित्र माना जाता है और इस माह में आने वाली षटतिला एकादशी का अपना एक अलग महत्व होता है और इस बार ये खास दिन 20 जनवरी दिन सोमवार को पड़ रही है। इस दिन उपवास करके दान, तर्पण और विधि-विधान से पूजा करने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है। जैसे कि इसके नाम से ही पता चल रहा है कि ये तिलों से जुड़ी हुई एकादशी होती है। इस दिन पूजा में तिल का अधिक महत्व होता है। षटतिला एकादशी के दिन तिल का 6 तरह से प्रयोग करने पर पापों का नाश हो जाता है और बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है तो आइए आगे जानते हैं इनका प्रयोग कैसे किया जाना चाहिए। 
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षटतिला एकादशी यानि तिलों के छह प्रकार के प्रयोग से युक्त एकादशी। इस एकादशी के दिन तिलों का उपयोग छह प्रकार से किया जाता है। तिलों के इस उपयोग को परम फलदायी माना गया है। आस्था है कि षटतिला एकादशी के व्रत से उपासक को वाचिक, मानसिक और शारीरिक पापों से मुक्ति मिलती है। 
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स्नान
व्रत रखने वालों के अलावा भी सभी लोग इस दिन तिल का छह तरीके से प्रयोग कर सकते हैं। सबसे पहले तिल का प्रयोग स्नान वाले जल में करें और स्नान के बाद पीले कपड़े पहनें। ऐसा करने से दुर्भाग्य दूर होगा और भाग्य के द्वार खुलने लगेंगे।

उबटन
तिल का दूसरा प्रयोग तिल का उबटन लगाकर करें। ऐसा करने से सर्दी के मौसम में आपको फायदा मिलेगा। 
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आहुति
तिल का तीसरा प्रयोग पूर्व की ओर मुंह करके पांच मुट्ठी तिलों से 108 बार ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करने में करें और आहुति दें।

तर्पण
तिल का चौथा प्रयोग तर्पण करके किया जाता है। इसके लिए आप ब्राह्मण के साथ दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके खड़े हो जाएं और पितरों के लिए तिल से तर्पण करें। ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है और आपके जीवन की अनावश्यक परेशानियां और बाधाएं दूर होती हैं।
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दान
महाभारत में उल्लेख है कि जो भी मनुष्य माघ मास में ऋषि-मुनि, गरीबों को तिल का दान करता है, वह कभी नरक के दर्शन नहीं करता है। माना जाता है कि माघ मास में जितने तिलों का दान करेंगे उतने हजारों साल तक स्वर्ग में रहने का अवसर प्राप्त होगा।
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खाना
तिल का छठवां प्रयोग खाने में करें। शाम के समय तिल युक्त भोजन बनाकर भगवान विष्णु को भोग लगाकर सेवन करें। 


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