शिव महापुराण उपाय: सावन के अंतिम सोमवार मनोकामना पूर्ति के लिए इस विधि से करें भगवान शिव का जलाभिषेक और अन्न अर्पण
punjabkesari.in Sunday, Aug 23, 2026 - 06:00 PM (IST)
Remedies of Shiva Mahapuran: भोलेनाथ को आशुतोष कहा जाता है यानी जो अपने भक्तों की थोड़ी सी भक्ति से भी अत्यंत शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं। शिव महापुराण में महादेव के पूजन की अनेक विधियों का वर्णन है, जिनमें विभिन्न रसों से किया जाने वाला जलाभिषेक और अनाज अर्पित करने का विधान अत्यंत कल्याणकारी माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, अलग-अलग कामनाओं की पूर्ति और असाध्य रोगों से मुक्ति के लिए भगवान शिव पर विशेष धाराओं से अभिषेक किया जाता है। आइए जानते हैं शिव महापुराण के उन गुप्त और चमत्कारी उपायों के बारे में, जो आपके जीवन को सुख, समृद्धि और संतान सुख से भर सकते हैं।
Benefits of Shiva Jalabhishek आशुतोष को प्रिय जलाभिषेक
शिव आशुतोष यानी शीघ्र प्रसन्न होने वाले देवता हैं इसलिए यह भी तय है कि इस स्वरूप का स्मरण जल्दी ही इच्छा पूरी कर सदा प्रसन्न रखता है। शिव के पूजन में फूलों का जितना महत्व है, उतना ही महत्व विभिन्न प्रकार के जलाभिषेकों का भी है।
शिव महापुराण में विभिन्न रसों से महादेव को जलाभिषेक कर पूजने का वर्णन विस्तारपूर्वक दिया गया है, जिससे साधक को कई रोगों से छुटकारा मिल जाता है, वहीं मन चाहे फल की प्राप्ति भी होती है। भगवान शिव को जलधारा अतिप्रिय है, इसीलिए शास्त्रों में बताया गया है कि जल व पंचामृतधारा से शिवजी का अभिषेक करने पर शिवजी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और विभिन्न कामनाओं की पूर्ति होती है।
अभिषेक करते शिव मंत्र बोले जाते हैं। ओम नम: शिवाय मंत्र का जप भी चमत्कारी फल प्रदान करता है। सुख व संतान की वृद्धि के लिए भी जलधारा द्वारा शिव की पूजा उत्तम बताई गई है। घृत यानी घी की धारा से अभिषेक करने से वंश का विस्तार और रोगों पर दवाइयों का जल्द असर होता है।
तेज दिमाग के लिए शक्कर मिश्रित दूध से भगवान शिव का जलाभिषेक करना चाहिए। जल में दूध मिला कर अथवा केवल दूध से भी शिवजी का अभिषेक किया जाता है। दूध से अभिषेक करने पर विशेष फल प्राप्त होता है।
इसी तरह सुगंधित तेल से शिव का अभिषेक करने पर समृद्धि में वृद्धि होती है। भगवान शिव का ईख (गन्ना) के रस से अभिषेक करें तो सभी आनंदों की प्राप्ति होती है। शिव को गंगाजल चढ़ाने से भोग व मोक्ष दोनों की प्राप्ति होती है।
धर्म ग्रंथों में भगवान शिव को विभिन्न प्रकार के अनाज अर्पित करने का भी विधान बताया गया है जो इस प्रकार है-
भगवान शिव को चावल चढ़ाने से धन की प्राप्ति होती है। तिल चढ़ाने से पापों का नाश हो जाता है। जौ अर्पित करने से सुख में वृद्धि होती है। भगवान शिव को गेहूं चढ़ाने से संतान वृद्धि होती है। ध्यान रखें कि ये सभी अन्न भगवान को अर्पण करने के पश्चात गरीबों में वितरित कर देने चाहिए।
