भगवान विष्णु की कृपा से भर जाएगी खुशियों की झोली, पुत्रदा एकादशी के दिन करें ये खास उपाय

punjabkesari.in Thursday, Aug 20, 2026 - 08:00 AM (IST)

Sawan Putrada Ekadashi 2026 : जल्द ही सावन मास का समापन होने वाला है और इसके साथ ही सावन मास की आखिरी एकादशी यानी के पुत्रदा एकादशी भी आने वाली है। सावन का मास भगवान शिव को तो एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है। ऐसे में सावन मास में एकादशी का व्रत करना अत्यंत ही शुभ माना गया है। सावन 2026 की पुत्रदा एकादशी का व्रत 23 अगस्त को रखा जाएगा। इस एकादशी को खासतौर से उन दंपत्तियों के लिए खास माना जाता है कि जो संतान सुख और अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना रखते हैं। कहा जाता है कि पुत्रदा एकादशी का व्रत करने तथा भगवान विष्णु का पूजन करने से संतान से जुड़ी हर मनोकामना पूरी होती है। इसके अलावा कहा जाता है कि इस दिन कुछ उपाय करने से संतान प्राप्ति में आ रही बाधाएं दूर होती है, स्वास्थ्य व उज्ज्वल भविष्य की कामना पूरी करने का आशीर्वाद मिल सकता है। तो आइए जानते हैं पुत्रदा एकादशी के दिन किए जाने वाले  उपाय के बारे में-

Sawan Putrada Ekadashi 2026

जो लोग विवाहित है लेकिन उनके कोई संतान नहीं है और वह संतान प्राप्ति की इच्छा रखते हैं तो वह इस दिन उन्हें भगवान श्री कृष्ण के बाल स्वरुप यानी के लड्डू गोपाल की पूजा करनी चाहिए। ऐसे में अगर आपके घर लड्डू गोपाल नहीं है तो आप उन्हें अपने घर एक पीतल के लड्डू गोपाल ले आएं और उनकी पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना करें और फिर सेवा करें। भगवान श्री कृष्ण श्री हरि के ही आठवें अवतार है। कहा जाता है कि इनकी पूजा, सेवा और मंत्रों का उच्चारण करना, मनचाही संतान की प्राप्ति हो सकती है।

पुत्रदा एकादशी के दिन घर की उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण में कामधेनु गाय और उसके बछड़े की प्रतिमा रखना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कामधेनु को सुख, समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति का प्रतीक माना गया है। ऐसी मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक इसकी स्थापना और पूजा करने से संतान संबंधी मनोकामनाओं के लिए भगवान की कृपा प्राप्त हो सकती है।

Sawan Putrada Ekadashi 2026

हर माता-पिता की कामना होती है कि उनकी संतान बुद्धिमान, स्वस्थ और बलशाली हो तो ऐसे में गोपाल मंत्र का जाप करने की सलाह दी जाती है। इस मंत्र को संतान सुख के लिए बेहद ही प्रभावी माना जाता है। मंत्र है - ओम देवकी सुत गोविंद वासुदेव जगत्पते। देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गत:। मंत्र जाप करने का बाद भगवान विष्णु का ध्यान करें और अपनी मनोकामना कहें।

जिन परिवारों में लगातार आर्थिक तंगी बनी रहती है या ऐसा महसूस होता है कि घर में धन-संपत्ति टिक नहीं रही, वे पुत्रदा एकादशी के दिन दक्षिणावर्ती शंख की स्थापना कर सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं में दक्षिणावर्ती शंख को माता लक्ष्मी से संबंधित और शुभता का प्रतीक माना गया है। कहा जाता है कि इसे विधि-विधान से घर में स्थापित करने और नियमित रूप से पूजा करने से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और धन-समृद्धि की कामना की जाती है।

Sawan Putrada Ekadashi 2026

 


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Content Editor

Sarita Thapa

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