Sawan Month 2021- हर-हर महादेव से गूंजे शिवालय

2021-07-28T08:54:58.093

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नई दिल्ली (नवोदय टाइम्स): भोलेनाथ को जिसने पूजा उसका ही उपकार हुआ... सावन के पहले सोमवार के दिन भोलेनाथ की कृपा प्राप्त करने के लिए श्रद्धालुओं ने व्रत तो रखा लेकिन मंदिर में जलाभिषेक करने का अवसर बहुतों को नहीं मिल पाया। दरअसल, कुछ बड़े मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर में जलाभिषेक की व्यवस्था नहीं रखी गई थी। जिसके चलते लोगों ने अपने घरों में ही व्रत रखकर अपने ईष्ट देव की आराधना की। हालांकि काफी मंदिरों में मंदिर प्रशासन द्वारा विधि-विधान से भोलेनाथ का जलाभिषेक किया गया।

रूद्राभिषेक के लिए 6 लोगों को इजाजत
झंडेवालान मंदिर के सह प्रभारी करण भाटिया ने बताया कि रविवार से ही मंदिर में रूद्राभिषेक की बुकिंग शुरू हो गई। जिसके लिए परिवार के 6 सदस्यों को ही मंदिर प्रांगण में आने की अनुमति दी जा रही है। पूरे सावन महीने में रूद्राभिषेक जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि मंदिर को फूलों से सजाया गया है और विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की जा रही है। सोमवार को भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे लेकिन उन्हें मुख्यद्वार से ही लौटा दिया गया।

शिव तांडव और शिव चालीसा का पाठ
छतरपुर मंदिर के मीडिया प्रभारी एनके सेठी ने बताया कि सावन के पहले सोमवार का विशेष महत्व होता है। इसीलिए सुबह ही भोलेनाथ बाबा का श्रृंगार विभिन्न फूलों से किया गया। उनका जलाभिषेक विधिपूर्वक करने के बाद शिव तांडव स्त्रोत् व शिव चालीसा का पाठ मंदिर के पुजारियों द्वारा किया गया। हालांकि श्रद्धालुओं के लिए मंदिर को पूरी तरह बंद रखा गया। जब तक सरकार अनुमति नहीं देगी तब तक मंदिर को बंद रखा जाएगा।

गली-मोहल्ले के मंदिर कोविड नियमों के बावजूद कई जगहों पर खुले दिखाई दिए। वहां जलाभिषेक के दौरान लंबी कतारें भी देखने को मिलीं। हालांकि पहले के मुकाबले अभी भी मंदिरों में भीड़ कम थी और लोग सोशल डिस्टेंस के साथ जलाभिषेक करते दिखाई दिए। कई मंदिरों में शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए पाइप लगाए गए थे, वहीं से श्रद्धालुओं द्वारा जल चढ़ाया गया क्योंकि मंदिर में प्रवेश पर रोक थी।


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Content Writer

Niyati Bhandari

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