Ram Janmabhoomi Ayodhya : श्रीराम जन्मभूमि के उप मंदिरों में अब पास से ही होंगे दर्शन, भीड़ नियंत्रण के लिए नई व्यवस्था
punjabkesari.in Wednesday, Jan 14, 2026 - 09:50 AM (IST)
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Ram Janmabhoomi Ayodhya : अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि परिसर में मुख्य मंदिर के साथ-साथ अब 14 अन्य उप मंदिरों के दर्शन की राह आसान होने वाली है। फरवरी के पहले सप्ताह से श्रद्धालुओं को इन मंदिरों में प्रवेश मिलने की संभावना है।
नई पास प्रणाली और तकनीकी व्यवस्था
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ट्रस्ट एक कंप्यूटर आधारित पास सिस्टम लाने जा रहा है।
प्रवेश प्रक्रिया: उप मंदिरों में सीधे प्रवेश के बजाय अब ऑनलाइन या ऑफलाइन पास लेना अनिवार्य होगा।
समय का प्रबंधन: पास पर दर्शन का निश्चित समय और मंदिर का विवरण होगा, जिससे एक ही स्थान पर भीड़ एकत्र न हो।
अंतिम निर्णय: इस पूरी योजना और ट्रायल रन पर 23-24 जनवरी को होने वाली भवन निर्माण समिति की बैठक में मुहर लगेगी।
दर्शन का समय और रूट मैप
जब सभी मंदिर खुल जाएंगे, तो पूरे परिसर का भ्रमण करने में एक श्रद्धालु को लगभग 2 से 3 घंटे का समय लग सकता है।
परकोटा मंदिर: 800 मीटर लंबे परकोटे के भीतर 6 मंदिर स्थित हैं।
सप्तमंडप और अन्य: परिसर के अलग-अलग हिस्सों में सप्तऋषियों और शेषावतार लक्ष्मण जी के मंदिर बनाए गए हैं।
कुबेर टीला: अभी तक यहां प्रवेश सीमित था लेकिन अब इसे सामान्य श्रद्धालुओं के लिए भी खोला जा रहा है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गोल्फ कार्ट
चूंकि पूरा परिसर काफी विशाल है और पैदल चलना हर किसी के लिए संभव नहीं होगा इसलिए ट्रस्ट गोल्फ कार्ट सेवा शुरू करने पर विचार कर रहा है। यह सुविधा विशेष रूप से कुबेर टीला और दूर स्थित मंदिरों तक पहुंचने में मददगार साबित होगी।
सुरक्षा और रियल-टाइम मॉनिटरिंग
सुरक्षा एजेंसियां अब तकनीक के माध्यम से भीड़ पर नजर रखेंगी। कंप्यूटर सिस्टम से यह पता चलता रहेगा कि किस समय परिसर के भीतर कितने लोग मौजूद हैं, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सके। ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य प्राण प्रतिष्ठा के बाद बढ़ती भीड़ को सुरक्षित और व्यवस्थित अनुभव देना है। फरवरी से रामलला के दर्शन के साथ-साथ भक्त पूरी रामायण संस्कृति से जुड़े इन 14 मंदिरों का आशीर्वाद भी ले सकेंगे।
