Pitru Paksha 2026 : श्राद्ध में भूलकर भी घर में न रखें ये 4 चीजें, आर्थिक उन्नति में आ सकती है रुकावट
punjabkesari.in Wednesday, Sep 23, 2026 - 07:02 PM (IST)
Pitru Paksha 2026 : पितृ पक्ष का समय सनातन धर्म में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इन दिनों लोग अपने पूर्वजों को याद करते हैं, उनके निमित्त श्राद्ध, तपर्ण और पिंडदान करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि पितृ पक्ष में किए गए श्राद्ध और दान-पुण्य से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। पितृ पक्ष के दौरान घर के वातावरण को भी साफ-सुथरा और सकारात्मक रखने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि घर में रखी कुछ चीजें नकारात्मक को बढ़ा सकती है। खासतौर पर ऐसी वस्तुओं को घर में रखने से बचने की बात कही जाती है, जिन्हें वास्तु और धार्मिक दृष्टि से शुभ नहीं माना जाता है।

टूटा हुआ सामान
घर में लंबे समय से पड़ा टूटा-फूटा सामान अक्सर किसी काम नहीं आता, फिर भी लोग उसे संभालकर रखते रहते हैं। धार्मिक और वास्तु मान्यताओं में टूटी वस्तुओं को घर के लिए शुभ नहीं माना जाता है। खासकर पितृ पक्ष के दौरान घर की साफ-सफाई करते समय ऐसे सामान को हटा देना चाहिए।
खराब या बंद घड़ी
वास्तु के अनसुनार, घर में बंद घड़ी को रखना शुभ नहीं माना जाता है। वास्तु से जुड़ी मान्यताओं के अनुसारस रुकी हुई घड़ी जीवन में ठहराव का संकेत मानी जाती है। इसलिए यदि घर में कोई बंद घड़ी काफी लंबे समय से पड़ी है तो पितृ पक्ष के दौरान उसे घर से हटा दें।
सूखे और मुरझाए पौधे
हरे-भरे पौधे घर की खूबसूरती बढ़ाने के साथ वातावरण को भी बेहतर बनाते हैं। इसके उलट सूखे और मुरझाए पौधों को घर में रखना अच्छा नहीं माना जाता। धार्मिक मान्यताओं में इन्हें नकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है। अगर घर में कोई पौधा पूरी तरह सूख चुका है, तो उसे पितृ पक्ष के दौरान हटाकर उसकी जगह नया पौधा लगाया जा सकता है। इससे घर भी साफ-सुथरा और व्यवस्थित नजर आएगा।
कबाड़ और बेकार सामान
घर में जरूरत से ज्यादा कबाड़ जमा होना भी ठीक नहीं माना जाता। पुराने डिब्बे, खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान, टूटे फर्नीचर या लंबे समय से इस्तेमाल में न आने वाली चीजें घर में जगह घेरती रहती हैं। पितृ पक्ष को घर की सफाई और पूर्वजों के स्मरण का समय भी माना जाता है। ऐसे में घर से अनावश्यक सामान हटाकर साफ-सफाई करना एक अच्छी आदत है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इससे घर में सकारात्मक वातावरण बनने में मदद मिलती है।
शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
