Vastu Tips : घर में मोर की फोटो लगाते ही बढ़ेगा पति-पत्नी का प्रेम, जानें लगाने की सही दिशा
punjabkesari.in Friday, Jan 30, 2026 - 03:10 PM (IST)
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Vastu Tips : वास्तु शास्त्र में प्रतीकों और तस्वीरों का विशेष महत्व होता है। जिस प्रकार एक सजीव वस्तु अपनी ऊर्जा बिखेरती है, उसी प्रकार घर की दीवारों पर लगी तस्वीरें भी हमारे मानसिक स्वास्थ्य और रिश्तों पर गहरा प्रभाव डालती हैं। हिंदू धर्म में मोर को अत्यंत शुभ और पवित्र पक्षी माना गया है। यह न केवल भगवान कार्तिकेय का वाहन है और श्री कृष्ण के मुकुट की शोभा है बल्कि वास्तु में इसे नकारात्मक ऊर्जा का नाशक भी माना जाता है। यदि आपके वैवाहिक जीवन में तनाव है या छोटी-छोटी बातों पर मनमुटाव होता है, तो घर में मोर की तस्वीर या मूर्ति लगाना एक अचूक उपाय हो सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि वास्तु के अनुसार मोर की तस्वीर लगाने के नियम, लाभ और सही दिशा क्या है।

वैवाहिक प्रेम के लिए मोर की तस्वीर ही क्यों ?
मोर को सौंदर्य, प्रेम, और सद्भाव का प्रतीक माना जाता है। वास्तु के अनुसार, मोर की उपस्थिति घर से राहु के दोषों को कम करती है और पारिवारिक कलह को समाप्त करती है। इसकी नीली आभा और मनमोहक नृत्य मन को प्रसन्नता देता है, जिससे घर के सदस्यों के बीच संवाद बेहतर होता है। विशेषकर दंपत्तियों के बीच आकर्षण और आपसी समझ बढ़ाने के लिए मोर की तस्वीर को एक 'हीलिंग' टूल की तरह देखा जाता है।
मोर की तस्वीर लगाने की सही दिशा
शयनकक्ष के लिए नियम
वैवाहिक प्रेम बढ़ाने के लिए मोर की तस्वीर हमेशा बेडरूम में लगानी चाहिए।
दक्षिण-पश्चिम दिशा: वास्तु में यह दिशा संबंधों और स्थायित्व की मानी जाती है। यदि पति-पत्नी के बीच अक्सर झगड़े होते हैं, तो कमरे की दक्षिण-पश्चिम दीवार पर मोर के जोड़े की तस्वीर लगाएं।
पूर्व दिशा : यदि आप अपने सामाजिक संबंधों और घर में सकारात्मकता बढ़ाना चाहते हैं, तो पूर्व दिशा की दीवार पर मोर की तस्वीर लगाना शुभ होता है।
ड्राइंग रूम
घर में आने वाले मेहमानों के साथ मधुर संबंध बनाए रखने के लिए लिविंग रूम की उत्तर या पूर्व दीवार पर नाचते हुए मोर की तस्वीर लगाई जा सकती है। इससे घर में खुशहाली का संचार होता है।
तस्वीर चुनते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान

जब आप प्रेम बढ़ाने के उद्देश्य से तस्वीर ला रहे हों, तो कुछ बातों को नजरअंदाज न करें:
अकेला मोर न हो: यदि उद्देश्य वैवाहिक सुख है, तो तस्वीर में हमेशा मोर और मोरनी का जोड़ा होना चाहिए। अकेला मोर वैराग्य का प्रतीक हो सकता है, जबकि जोड़ा प्रेम और वंश वृद्धि को दर्शाता है।
मुद्रा का महत्व: मोर की तस्वीर ऐसी होनी चाहिए जिसमें वह शांत और प्रसन्न मुद्रा में हो। पंख फैलाए हुए या नृत्य करते हुए मोर की तस्वीर ऊर्जा को सक्रिय करती है और घर में उत्सव का माहौल लाती है।
आक्रामक मुद्रा से बचें: कभी भी मोर की ऐसी तस्वीर न लगाएं जिसमें वह किसी सांप से लड़ रहा हो या आक्रामक दिख रहा हो। ऐसी तस्वीरें घर में तनाव पैदा कर सकती हैं।
मोर पंख के अन्य वास्तु लाभ
घर की दक्षिण दिशा में मोर पंख रखने से राहु का नकारात्मक प्रभाव कम होता है और अचानक आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।
पूजा स्थल या तिजोरी के पास मोर पंख रखने से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और धन संचय में मदद मिलती है।
बच्चों के कमरे या स्टडी टेबल पर मोर पंख रखने से उनकी एकाग्रता बढ़ती है और वे नकारात्मक दृष्टि से बचे रहते हैं।

