निर्जला एकादशी 2019ः इस 1 काम को करने के बाद ही खोले व्रत, जानें क्या है ?

6/12/2019 11:36:24 AM

ये नहीं देखा तो क्या देखा (Video)
हिंदू पंचांग के अनुसार पूरे साल में 24 एकादशियों के व्रत आते हैं। लेकिन अधिक मास और मलमास आने के कारण इनकी संख्या बढ़कर 26 हो जाती है। ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को निर्जला एकादशी के नाम से जाना जाता है। कहते हैं कि ये सभी एकादशियों से श्रेष्ठ मानी गई है और ऐसा भी माना गया है कि अगर कोई व्यक्ति पूरी एकादशियों का पालन नहीं कर सकता तो केवल निर्जला का व्रत रखने से उसे सालभर में पड़ने वाली सारी एकादशियों का फल मिल जाता है। निर्जला एकादशी को भीमसेनी एकादशी भी कहा जाता है, क्योंकि महाभारत काल में इसे भीम ने किया था। जैसे कि इस व्रत के नाम से ही पता लगाया जा सकता है कि इस व्रत में पानी ग्रहण करना भी व्रजित होता है। तो आइए आगे जानते हैं कैसे इस व्रत को करना चाहिए। 
PunjabKesari, Nirjala Ekadashi 2019, निर्जला एकादशी, Lord Vishnu, kundli tv,
साल में पड़ने वाली हर एकादशी का पालन हर एक व्यक्ति को करना चाहिए। निर्जला एकादशी के दिन पूरे समय ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का मानसिक जाप करते रहना चाहिए। द्वादशी यानि अगले दिन व्रत का पारण किया जाता है। इसमें यथायोग्य ब्राह्मणों, गरीबों को दान करके व्रत खोला जाता है। इस दिन व्रत करने के अलावा जप, तप, गंगा स्नान आदि कार्य करना शुभ रहता है। इस एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करके व्रत कथा अवश्य सुननी चाहिए और रात में जागरण यानि भगवान के नाम का कीर्तन करना जरूरी होता है। 
PunjabKesari, Nirjala Ekadashi 2019, निर्जला एकादशी, Lord Vishnu, kundli tv,
पद्मपुराण के अनुसार निर्जला एकादशी व्रत के प्रभाव से जहां मनुष्य की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, वहीं अनेक रोगों की निवृत्ति एवं सुख सौभाग्य में वृद्धि होती है। व्रत करने वाले साधक के लिए जल का सेवन करना निषेध होता है परंतु इस दिन मीठे जल का वितरण करना सर्वाधिक पुण्यकारी होता है।


Lata

Related News