Muni Shri Tarun Sagar: अगर यह कला तुमने सीख ली तो समझो दुनिया तुम्हारी मुट्ठी में
punjabkesari.in Monday, Jan 05, 2026 - 09:54 AM (IST)
सम्पत्ति के साथ सद्बुद्धि
सम्पत्ति हमेशा तुम्हारे पास नहीं रहेगी, इसलिए प्रभु से प्रार्थना में कहना, प्रभु, जब मुझे सम्पत्ति दो तो साथ में सद्बुद्धि भी देना। सद्बुद्धि रहेगी तो सम्पत्ति फिसलने नहीं देगी। पुण्य लक्ष्मी का भाई है। जहां अच्छे कार्य होते हैं वहां पुण्य की प्राप्ति होती है और वहीं लक्ष्मी का स्थायी निवास होता है। कुएं का पानी निकालने से घटता नहीं, निर्मल होता है। कुएं से पानी न निकाला जाए तो जल पीने योग्य नहीं रह जाता। धन भी कुएं के जल के समान है, पुण्य कार्यों में खर्च करते रहें तो बढ़ता जाएगा और तिजोरियों/बैंकों में भरते रहें तो सड़ता जाएगा। बोलो तुम्हें क्या मंजूर है।

जीवन का आधार
आज एक ओर जहां युवा दम्पति संतान के लिए तरस रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई माता-पिता अपने ही अंश को खत्म कर रहे हैं। मैं ऐसे मां-बाप से, जो आने वाली संतानों को पिता का प्यार और मां की ममता नहीं दे सकते, आग्रह करूंगा कि वे अपनी संतान को जन्म से पहले ही मार देने की बजाय उसे जन्म दें और किसी ऐसे युवा दम्पत्ति की झोली में डाल दें, जो संतानहीन हैं और संतान के लिए तड़प रहे हैं। ऐसा करने से जहां युवा दम्पति को जीने का मकसद मिल जाएगा, वहीं बच्चे को जीवन का आधार।

एडजस्ट होना सीखो
संसार में सुखी रहना है तो एडजस्ट होना सीख लो। आज के युग में दो ही विकल्प हैं या तो एडजस्ट होना सीख लो या फिर खत्म होने के लिए तैयार रहो। तीसरा कोई विकल्प नहीं है। सामने वाला डिसएडजस्ट होता रहे और हमें एडजस्ट होना आता है तो हमें कोई दुखी नहीं कर सकता। दुनिया तुम्हारे हिसाब से नहीं चलेगी। तुम्हें ही दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना होगा। अगर यह कला तुमने सीख ली तो समझो दुनिया तुम्हारी मुट्ठी में।

आश्चर्य वाली बातें
किसी ने पूछा कि आपको किस बात पर सबसे ज्यादा आश्चर्य होता है? मैंने कहा मुझे केवल दो-तीन बातों पर आश्चर्य होता है।
एक - इंसान पहले तो बचपन से ऊब कर जल्दी बड़ा होना चाहता है फिर ताउम्र बचपन को याद करता है।
दूसरा - पहले पैसा कमाने के चक्कर में अपनी सेहत खराब करता है और फिर सेहत बचाने में पैसे खराब करता है।
तीसरा - वह जीता है तो ऐसे कि कभी मरेगा नहीं और मरता है तो ऐसे जैसे कभी जीया ही नहीं।

