Motivational Story : तनावमुक्त जीवन का राज जानना है तो एक बार जरूर पढ़ें यह कथा
punjabkesari.in Wednesday, Jun 03, 2026 - 12:29 PM (IST)
Motivational Story : एक राज्य भयंकर अकाल से पीड़ित हो गया था, जिसके कारण राजा को बहुत नुकसान का सामना करना पड़ा। न तो उसे कर मिला और न ही जनता से लगान। अब राजा इस बात से चिंतित रहने लगा कि व्यय को कैसे कम किया जाए ताकि राज्य का काम बिना किसी परेशानी के चलता रहे।
साथ ही राजा इस चिंता में भी था कि भविष्य में अगर फिर कोई ऐसा अकाल पड़ गया तो पड़ोसी देश के राजा हमला कर सकते हैं। राजा ने एक बार अपने ही मंत्रियों को राज्य के विरुद्ध षड्यंत्र रचते हुए भी पकड़ा था। इन सभी चिंताओं की वजह से राजा को नींद भी नहीं आ रही थी और न ही उन्हें भूख लगती थी। राजा के एक गुरू थे, उन्होंने राजा से कहा अगर तुम वाकई मुझे अपना मानते हो तो यह राजपाट मुझे सौंप दो, तुम महल में रहो, सिंहासन पर बैठो और एक कर्मचारी की भान्ति मेरे राज्य का ध्यान रखो। मैं तो साधु हूं और आश्रम में ही रहूंगा लेकिन तुम्हें मेरे लिए यह काम करना होगा।
राजा ने उनकी बात मान ली और खुशी-खुशी एक कर्मचारी की भान्ति राज्य का ध्यान रखने लगे। काम तो वही था लेकिन अब राजा किसी जिम्मेदारी या चिंता में लदा हुआ नहीं था। कुछ महीनों बाद उसके गुरु आए। उन्होंने राजा से पूछा कहो तुम्हारी भूख और नींद का क्या हाल है। राजा ने कहा कि मालिक अब खूब भूख भी लगती है और मैं चैन की नींद सोता भी हूं। गुरू ने राजा को समझाया कि बदला कुछ भी नहीं है, जो काम पहले तुम्हारे लिए बोझ था वह अब तु्म्हारा कर्त्तव्य बन गया था। हमें ये जीवन कर्त्तव्यों को पूरा करने के लिए मिला है। चिंता करने से परेशानियां बढ़ती हैं इसलिए ज्यादा सोचना नहीं चाहिए।

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