पिता की दौलत और अपनी मेहनत में क्या है अंतर,  जानिए जिंदगी की बड़ी सीख

punjabkesari.in Friday, May 29, 2026 - 02:08 PM (IST)

Motivational Story : एक अनुभवी व्यक्ति के मित्र की मृत्यु हो गई। वह जानते थे कि मित्र का पुत्र लापरवाह और आलसी है इसलिए वह पिता की संपत्ति का दुरुपयोग ही करेगा। यह चिंता लेकर एक दिन वह अपने मित्र के घर गए। मित्र का पुत्र उन्हें जानता था। उसने आदर सहित उनको बैठाया और कहा, “कुछ दिनों बाद ही त्यौहार आने को है, आप उस दिन हमारे घर भोजन करने अवश्य पधारें।” बुजुर्ग ने कुछ सोचा और हां कर दी।

Motivational Story

त्यौहार के दिन बुजुर्ग अपने दिवंगत मित्र के घर भोजन पर गए। बैठते ही खूब बढ़िया भोजन उनके सामने परोसा गया। जैसे ही बुजुर्ग ने पहला निवाला अपने मुंह में लिया, तत्काल उनके मुंह से निकला, “अरे, ये तो बहुत बासी भोजन है।” मित्र का पुत्र चौंक गया। उसने कहा, “भोजन अभी तैयार किया गया है, बासी हो ही नहीं सकता।”

Motivational Story

बुजुर्ग ने उत्तर दिया, “मुझे तो इसमें वर्षों पूर्व की गंध आ रही है।” 

मेजबान इशारे में कही बात का मर्म समझ गया।  उसके पिता के मित्र यह कहना चाह रहे थे कि यह भोजन जिस धन से निर्मित है, वह तुम्हारे पिता ने कमाया था, तुमने नहीं। जिस दिन तुम्हारी मेहनत की कमाई से भोजन बनेगा, उसकी ताजगी अलग ही होगी। मेजबान ने उनसे विनम्रतापूर्वक कहा कि आपके कहने का मतलब मैं समझ गया हूं।

Motivational Story

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Sarita Thapa

Related News