मोहिनी एकादशी पर विष्णु जी की पूजा करते समय करें अच्युताष्टकम का पाठ, पूरी होगी हर अधूरी इच्छा

punjabkesari.in Monday, Apr 27, 2026 - 09:23 AM (IST)

Mohini Ekadashi 2026 : मोहिनी एकादशी का दिन सनातन धर्म में बहुत खा महत्व है। एकादशी का दिन भगवान विष्णु को समर्पित है। इस बार मोहिनी एकादशी 27 अप्रैल, 2026 यानी आज के दिन मनाई जा रही है। माना जाता है कि इस दिन विष्णु जी की पूजा करने के साथ उनके कुछ मंत्रों और स्तोत्र का पाठ करने से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और हर अधूरी इच्छा पूरी होती है। साथ ही उनके अवतारों और उनकी लीलाओं को पढ़नें और उनका ध्यान करने से मन को असीम शांति का अनुभव होता है। 

Mohini Ekadashi 2026

अच्युतस्याष्टकम्
अच्युतं केशवं रामनारायणं कृष्णदामोदरं वासुदेवं हरिम् ।
श्रीधरं माधवं गोपिकावल्लभं जानकीनायकं रामचन्द्रं भजे ॥ १॥

अच्युतं केशवं सत्यभामाधवं माधवं श्रीधरं राधिकाराधितम् ।
इन्दिरामन्दिरं चेतसा सुन्दरं देवकीनन्दनं नन्दनं सन्दधे ॥ २॥

विष्णवे जिष्णवे शङ्खिने चक्रिणे रुक्मिणिऱागिणे जानकीजानये ।
वल्लवीवल्लभायाऽर्चितायात्मने कंसविध्वंसिने वंशिने ते नमः ॥ ३॥

कृष्ण गोविन्द हे राम नारायण श्रीपते वासुदेवाजित श्रीनिधे ।
अच्युतानन्त हे माधवाधोक्षज द्वारकानायक द्रौपदीरक्षक ॥ ४॥

Mohini Ekadashi 2026

राक्षसक्षोभितः सीतया शोभितो दण्डकारण्यभूपुण्यताकारणः ।
लक्ष्मणेनान्वितो वानरैः सेवितोऽगस्त्यसम्पूजितो राघवः पातु माम् ॥ ५॥

धेनुकारिष्टकोऽनिष्टकृद्द्वेषिहा केशिहा कंसहृद्वंशिकावादकः ।
पूतनाकोपकः सूरजाखेलनो बालगोपालकः पातु माम् सर्वदा ॥ ६॥

विद्युदुद्योतवत्प्रस्फुरद्वाससं प्रावृडम्भोदवत्प्रोल्लसद्विग्रहम् ।
वन्यया मालया शोभितोरःस्थलं लोहिताङ्घ्रिद्वयं वारिजाक्षं भजे ॥ ७॥

कुञ्चितैः कुन्तलैर्भ्राजमानाननं रत्नमौलिं लसत्कुण्डलं गण्डयोः ।
हारकेयूरकं कङ्कणप्रोज्ज्वलं किङ्किणीमञ्जुलं श्यामलं तं भजे ॥ ८॥

अच्युतस्याष्टकं यः पठेदिष्टदं प्रेमतः प्रत्यहं पूरुषः सस्पृहम् ।
वृत्ततः सुन्दरं कर्तृ विश्वम्भरस्तस्य वश्यो हरिर्जायते सत्वरम् ॥ ९॥

॥ इति श्रीशङ्कराचार्यविरचितमच्युताष्टकं सम्पूर्णम् ॥

Mohini Ekadashi 2026

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Content Editor

Sarita Thapa

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