Mauni Amavasya Aarti 2026 : मौनी अमावस्या के दिन करें ये आरती, पितृ होंगे प्रसन्न

punjabkesari.in Saturday, Jan 17, 2026 - 02:40 PM (IST)

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Mauni Amavasya Aarti 2026 : माघ मास की मौनी अमावस्या को हिंदू धर्म में अमृत काल के समान माना गया है। यह वह दिन है जब मौन रहकर अंतर्मन की शुद्धि की जाती है और दान-पुण्य के जरिए पितरों का आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है। वर्ष 2026 में मौनी अमावस्या 18 जनवरी को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या तिथि के स्वामी पितृ देव होते हैं। इस दिन स्नान और दान के पश्चात यदि विधि-विधान से आरती और स्तुति की जाए, तो पितर अत्यंत प्रसन्न होते हैं और परिवार को सुख-समृद्धि एवं वंश वृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।

मौनी अमावस्या पर आरती का महत्व
मौनी अमावस्या के दिन मुख्य रूप से भगवान विष्णु और पितृ देवों की आराधना की जाती है। चूंकि माघ का महीना श्री हरि को समर्पित है इसलिए उनकी आरती करने से जीवन के कष्ट मिटते हैं। साथ ही, पितरों की शांति के लिए विशेष आरती का पाठ करने से पितृ दोष का प्रभाव कम होता है और घर में शांति का वास होता है।

Mauni Amavasya Aarti 2026

मौनी अमावस्या की आरती 

जय जय पितरजी महाराज,मैं शरण पड़यो हूं थारी।
शरण पड़यो हूँ थारी बाबा,शरण पड़यो हूं थारी॥
आप ही रक्षक आप ही दाता,आप ही खेवनहारे।

मैं मूरख हूं कछु नहि जाणू,आप ही हो रखवारे॥ जय जय पितरजी महाराज।
आप खड़े हैं हरदम हर घड़ी,करने मेरी रखवारी।
हम सब जन हैं शरण आपकी,है ये अरज गुजारी॥
जय जय पितरजी महाराज।

देश और परदेश सब जगह,आप ही करो सहाई।
काम पड़े पर नाम आपको,लगे बहुत सुखदाई॥
जय जय पितरजी महाराज।

भक्त सभी हैं शरण आपकी,अपने सहित परिवार।
रक्षा करो आप ही सबकी,रटूं मैं बारम्बार॥
जय जय पितरजी महाराज।

Mauni Amavasya Aarti 2026

पितरों को प्रसन्न करने के अन्य उपाय

गीता पाठ: इस दिन श्रीमद्भगवद्गीता के सातवें अध्याय का पाठ पितरों की आत्मा को शांति प्रदान करता है।

अन्न दान: किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को खीर, पूरी और वस्त्र का दान करें।

गौ सेवा: अमावस्या के दिन गाय को गुड़ और हरा चारा खिलाने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।

Mauni Amavasya Aarti 2026


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Content Editor

Prachi Sharma

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