2022 वर्ष की आखिरी आखिरी पूर्णिमा को ज़रूर करें ये उपाय, विष्णु जी संग धन की देवी करेंगी उद्धार

punjabkesari.in Tuesday, Dec 06, 2022 - 03:03 PM (IST)

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
इस साल की आखिरी पूर्णिमा जिसे मार्गशीर्ष पूर्णिमा के नाम से जाना जाएगा। 07 दिसंबर, दिन बुधवार को पड़ रही है। इस दिन पूर्ण चांद के साथ मार्गशीर्ष पूर्णिमा दस्तक देगी। पूर्णिमा तिथि को हिंदू धर्म में बहुत खास माना गया है। लेकिन साल की आखिरी पूर्णिमा होने के कारण इस दिन महत्व और बढ़ गया है। जिसके चलते आज के इस आर्टिकल में आपको मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर करने वाले उन अचूक व चमत्कारी टोटकों के बारे में बताते हैं जो आपकी जीवन की समस्त समस्याओं को दूर कर देंगे। 

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार,  मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन सुबह घर की साफ-सफाई करके पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें और मुख्य द्वार पर आम के पत्तों या अशोक पत्तों का तोरण लगाएं। इसके बाद घर की दहलीज पर हल्दी व कुमकुम लगाएं और मुख्य द्वार के दोनों ओर स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं। फिर घी का दीपक जलाएं और दहलीज को प्रणाम करें। मान्यता है कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी का घर में वास होता है और धन वैभव में वृद्धि होती है।

साल की आखिरी पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी के सभी स्वरूपों के साथ भगवान की भी पूजा करें। फिर उनके समक्ष केसर, कौड़ी  , चांदी के सिक्के और हल्दी की गांठ जरूर रखें। सायंकाल के समय माता की पूजा करने के बाद एक पीले या लाल वस्त्र में इन सभी चीजों को बांधकर उस स्थान पर रख दें, जहां आप धन रखते हो। इस उपाय को करने से घर में धन की बरकत होती है और सुख-समृद्धि आती है।

इसी के साथ शास्त्रों के अनुसार, घर के ईशान कोण यानि कि पूर्व और उत्तर दिशाएं जहां पर मिलती हो वहां घी का दीपक जलाकर रख दें। याद रखें कि दीपक में बत्ती मौली की हो और उसमें थोड़ा केसर भी मिला दें। ऐसा करने से धन की देवी मां लक्ष्मी की कृपा अति प्रसन्न होती है और जीवन के सभी कष्टों को दूर करते हैं।

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पूर्णिमा के दिन विष्णु सहस्त्रनाम, भगवद्गीता और गजेंद्र मोक्ष का पाठ अवश्य करना चाहिए। शास्त्रों में पूर्णिमा के दिन इन तीनों का पावन पाठ करने की बहुत महिमा बताई गई है। मान्यता है कि इस दिन इनका पाठ करने से सभी संकट दूर होते हैं और परिवार में प्रेम भाव बना रहता है। 

इसके अलावा पूर्णिमा की तिथि माता लक्ष्मी की तिथि मानी गई है। इस दिन शाम को माता लक्ष्मी की विधि विधान के साथ पूजा करने और खीर का भोग लगाने से देवी लक्ष्मी की अपार कृपा प्राप्त होती है। पूर्णिमा के दिन सुबह-शाम कनकधारा स्तोत्र का भी पाठ करना चाहिए। पुराणों के अनुसार, श्रद्धा के साथ कनकधारा स्तोत्र का पाठ करने से व्यक्ति को धन संबंधित सभी समस्याओं से मुक्ति मिलती है। 

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन तुलसी पूजन का विशेष महत्व बताया गया है। भगवान श्रीकृष्ण के प्रिय माह की पूर्णिमा के दिन तुलसी की पूजा करना बहुत उत्तम व फलदायी माना गया है। इस दिन सुबह तुलसी को जल देने के बाद उसकी जड़ की मिट्टी का तिलक लगाने से भाग्य वृद्धि होती है। साथ ही शाम के समय तुलसी के पास घी का दीपक जलाएं। ऐसा करने से नौकरी व व्यवसाय में उन्नति होती है और हर कार्य में सफलता मिलती है।
 


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Content Writer

Jyoti

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