मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2022: कुंडली में स्थित चंद्र व शनिदोष कर रहे हैं परेशान तो करें ये काम

punjabkesari.in Tuesday, Dec 06, 2022 - 01:31 PM (IST)

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
07 दिसंबर को मार्गशीर्ष पूर्णिमा मनाई जाएगी। जो कि साल की आखिरी पूर्णिमा है। इस दिन सत्यनारायण कथा के साथ मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इतना ही नहीं पूर्णिमा तिथि के दिन प्रातःकाल पवित्र नदियों में स्नान करने का विशेष महत्व होता है। कहते हैं कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। तो इसी बीच हम आपको मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन किन चीजों का दान करना शुभ होता है उसके बारे में बताएंगे। तो चलिए देर न करते हुए आइए जानते हैं पूर्णिमा के दिन किन चीजों का दान करना चाहिए।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा का दोष हो या चंद्रमा कमजोर स्थिति में हो, उनको मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन स्नान के बाद घी वाला कलश, सफेद कपड़ा, दही, शंख, मोती, सोना और चांदी का दान करने का विधान है। आपके सामर्थ्य अनुसार जो आपके लिए इन चीजों में से संभव हो, उसका दान करें। मान्यता है कि मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन इन चीजों का दान करने से कुंडली में चंद्र की स्थिति मजबूत होती है। और स्वास्थ्य से संबंधित सभी परेशानियां दूर होती है।

इसी के साथ जिनकी कुंडली में शनि दोष हो या फिर उन पर शनि की साढ़े साती या ढैय्या चल रही है, तो उनको मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन स्नान के बाद नीलम, काला कपड़ा, काली गाय, लोहा, जटा वाला नारियल, उड़द, तिल, छाता, जूता, कंबल आदि का दान करना चाहिए। शास्त्रों में बताया गया है कि मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन इन वस्तुओं का दान करने से शनि का अशुभ प्रभाव कम होता है.. और जीवन के सभी बिगड़े काम भी बनने लगते हैं।
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तो वही जैसा कि सभी जानते हैं कि मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु की पूजा का विधान है। ऐसे में इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने के बाद पीला वस्त्र, पीला अनाज, शहद, चने की दाल, हल्दी आदि इन चीजों का दान करना शुभ होता है। कहते हैं कि इस दिन इन चीजों का दान करने से भगवान श्री विष्णु अति प्रसन्न होते हैं। और जीवन की सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं।

इतना ही नहीं मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन स्नान के बाद आप जरूरतमंदों को उनकी जरूरत की वस्तुएं दान करके और भोजन कराकर भी पुण्य लाभ कमा सकते हैं। हिंदू धर्म शास्त्रों में किसी की मदद करना और उसकी सेवा करना सबसे बड़ा पुण्य का काम माना जाता है।

आखिरी में आपको बता दें कि मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन दान के लिए जो भी वस्तुएं बताई गई हैं, यदि वह आपके लिए संभव न हो तो आप वह धर्मार्थ कार्य करें, जिससे दूसरों का भला हो। इस खास तिथि पर आप दूसरे की भलाई करके पाप से मुक्ति और पुण्य लाभ दोनों ही प्राप्त कर सकते हैं।


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Content Writer

Jyoti

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