Mahavir Jayanti 2026: महावीर जयंती कब है? जानें सही तारीख, पंचशील सिद्धांत और इसका महत्व

punjabkesari.in Saturday, Mar 28, 2026 - 11:53 AM (IST)

Mahavir Jayanti 2026 Kab Hai: Mahavir Jayanti जैन धर्म का एक प्रमुख और पवित्र पर्व है, जिसे हर साल बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह दिन Lord Mahavira के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है, जिन्होंने मानव जीवन को सत्य, अहिंसा और संयम के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।

पंचांग के अनुसार, महावीर जयंती हर वर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाई जाती है। आइए जानते हैं साल 2026 में महावीर जयंती कब है और भगवान महावीर के प्रमुख सिद्धांत क्या हैं।

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महावीर जयंती 2026 कब है? (Mahavir Jayanti 2026 Date)
साल 2026 में महावीर जयंती 31 मार्च, मंगलवार को मनाई जाएगी। यह पर्व जैन समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और इस दिन देशभर में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

भगवान महावीर का परिचय और महत्व
Lord Mahavira जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर थे। उन्होंने अपने उपदेशों के माध्यम से लोगों को धर्म, सत्य और आत्म-शुद्धि का मार्ग दिखाया। उनके सिद्धांत आज भी समाज को नैतिकता और सादगी से जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं।

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भगवान महावीर के पंचशील सिद्धांत
भगवान महावीर द्वारा बताए गए पंचशील सिद्धांत जैन धर्म के मूल आधार माने जाते हैं। ये सिद्धांत जीवन को संतुलित और पवित्र बनाने का मार्ग दिखाते हैं:

अहिंसा
हर परिस्थिति में किसी भी जीव को मन, वचन और कर्म से कष्ट न देना। यह जैन धर्म का सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांत है।

सत्य
हमेशा सत्य बोलना और झूठ से दूर रहना। सत्य के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति कठिन से कठिन परिस्थितियों को भी पार कर सकता है।

अस्तेय
जो वस्तु स्वेच्छा से न दी जाए, उसे ग्रहण न करना। इससे जीवन में ईमानदारी और संतुलन बना रहता है।

ब्रह्मचर्य
अपनी इंद्रियों और इच्छाओं पर नियंत्रण रखना। यह आत्म-संयम और अनुशासन का प्रतीक है।

अपरिग्रह
भौतिक वस्तुओं और विलासिता से दूरी बनाना। इससे आत्मिक विकास और मानसिक शांति प्राप्त होती है।

महावीर जयंती कैसे मनाई जाती है?
महावीर जयंती के अवसर पर जैन समाज द्वारा विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं:

सुबह के समय प्रभात फेरी निकाली जाती है।
भव्य जुलूस और पालकी यात्रा का आयोजन होता है।
भगवान महावीर की मूर्ति का अभिषेक सोने और चांदी के कलशों से किया जाता है।
मंदिरों में विशेष पूजा और ध्वजारोहण किया जाता है।
दिनभर धार्मिक प्रवचन और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
इस दिन जैन अनुयायी अहिंसा, दया और सेवा के कार्यों में भी भाग लेते हैं।

महावीर जयंती केवल एक धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला संदेश भी है। महावीर जी Lord Mahavira के सिद्धांत आज के समय में भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने प्राचीन काल में थे। यदि इन सिद्धांतों को जीवन में अपनाया जाए, तो व्यक्ति न केवल आध्यात्मिक रूप से बल्कि सामाजिक रूप से भी समृद्ध बन सकता है।

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Content Writer

Niyati Bhandari

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