Mahashivratri 2026 : महाशिवरात्रि पर भक्तों को मिलेगा विशेष सौभाग्य, रात-दिन होंगे महाकाल के दर्शन ! 16 को दिन में होगी भस्म आरती
punjabkesari.in Friday, Feb 06, 2026 - 09:26 AM (IST)
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Mahashivratri 2026 : महाशिवरात्रि 2026 के दौरान श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन समिति ने दर्शन, सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर विस्तृत योजना तैयार की है। अनुमान है कि 15 फरवरी को लगभग 10 लाख भक्त बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचेंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए 15 और 16 फरवरी की मध्यरात्रि तक मंदिर के कपाट खुले रखने का फैसला लिया गया है।
कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बताया कि 1 जनवरी को ही 7 से 8 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि इस बार भीड़ काफी अधिक रहने वाली है। इसलिए प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधा को अपनी प्राथमिकता बनाया है।
सुचारु दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था
श्रद्धालुओं को बिना किसी परेशानी के दर्शन मिल सकें, इसके लिए भस्म आरती को लगभग आधा घंटा पहले शुरू किया जाएगा। इसके अलावा 16 फरवरी को दिन में भी भस्म आरती का आयोजन किया जाएगा। सामान्य, शीघ्र, वीआईपी और भस्म आरती के लिए पंजीयन कराने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास मार्ग तय किए गए हैं।
बैठक के बाद कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मार्गों का निरीक्षण कर अंतिम व्यवस्थाओं को मंजूरी देंगे। इस बैठक में मंदिर प्रशासन और सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
सामान्य श्रद्धालुओं के लिए मार्ग
सामान्य दर्शन करने वाले भक्तों का प्रवेश भील समाज धर्मशाला के पास से होगा। श्रद्धालु चारधाम पार्किंग, शक्तिपथ, त्रिवेणी संग्रहालय, नंदी द्वार, महाकाल महालोक, मानसरोवर भवन, फैसिलिटी सेंटर और टनल होते हुए गणेश मंडपम तक पहुंचेंगे। दर्शन के बाद बाहर निकलने का रास्ता आपातकालीन द्वार से बड़ा गणेश और हरसिद्धि चौराहे की ओर रहेगा। पार्किंग की व्यवस्था कर्कराज और मेघदूत क्षेत्र में की गई है।
शीघ्र दर्शन और भस्म आरती के लिए इंतजाम
शीघ्र दर्शन टिकट लेने वाले श्रद्धालुओं के लिए कर्कराज और हरसिद्धि पाल पार्किंग पर काउंटर लगाए जाएंगे। वहीं, भस्म आरती के लिए पंजीयन कराने वाले भक्तों को मानसरोवर भवन और द्वार नंबर-01 से प्रवेश दिया जाएगा।
पूरे दर्शन मार्ग पर जूता स्टैंड, पीने का पानी, शौचालय, मेडिकल हेल्पडेस्क, पीए सिस्टम, दिशा-सूचक बोर्ड, बिजली की निरंतर व्यवस्था और बेरिकेडिंग की सुविधा उपलब्ध रहेगी। सुरक्षा के लिहाज से रामघाट, नृसिंह घाट और पैदल पुल क्षेत्रों में होमगार्ड के तैराक तैनात किए जाएंगे। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की मदद के लिए खोया-पाया केंद्र भी बनाए जाएंगे।
इन सभी तैयारियों के साथ प्रशासन का लक्ष्य है कि महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर श्रद्धालु सुरक्षित, सुगम और शांतिपूर्ण तरीके से बाबा महाकाल के दर्शन कर सकें।
