Maharshi Ramana Story : महर्षि रमण की इस कहानी से सीखें जीवन को सार्थक बनाने का मंत्र
punjabkesari.in Saturday, May 30, 2026 - 01:44 PM (IST)
Maharshi Ramana Story : एक बार महर्षि रमण के आश्रम में एक अध्यापक आए। पारिवारिक कलह के कारण अध्यापक आत्महत्या करना चाहते थे, लेकिन निर्णय लेने से पहले वे महर्षि से मिलने चले आए। अध्यापक ने उन्हें अपनी सारी बात बताई और अपनी राय देने को कहा। महर्षि उस समय आश्रमवासियों के भोजन के लिए बड़ी सावधानी से पत्तलें बना रहे थे। वह चुपचाप अध्यापक की बातें सुनने लगे।
अध्यापक को पत्तल बनाने में स्वामी जी के परिश्रम और तल्लीनता को देखकर बड़ा आश्चर्य हुआ। उसने आखिर पूछ ही लिया, "आप इन पत्तलों को इतने परिश्रम से बना रहे हैं, लेकिन थोड़ी ही देर में भोजन के बाद ये कूड़े में फैंक दिए जाएंगे।"

महर्षि मुस्कुराते हुए बोले, 'आप ठीक कहते हैं, लेकिन किसी वस्तु का पूरा उपयोग हो जाने के बाद उसे फैंकना बुरा नहीं। बुरा तो तब कहा जाएगा, जब उसका उपयोग किए बिना अच्छी अवस्था में ही कोई फैंक दे। आप तो जानकार हैं, मेरे कहने का आशय समझ गए होंगे। जीवन को व्यर्थ की बातों में न गंवाएं। मानव जीवन अनमोल है।" इन शब्दों से अध्यापक महोदय की समस्या का समाधान हो गया। उस परिस्थिति में भी उनमें जीने का उत्साह आ गया और उन्होंने आत्महत्या करने का विचार त्याग दिया।
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