Magh Mela Snan : आखिर क्यों मौनी अमावस्या पर संगम तट बना 'अखाड़ा'? जानिए शंकराचार्य के गुस्से की वजह
punjabkesari.in Sunday, Jan 18, 2026 - 12:54 PM (IST)
Magh Mela Snan : माघ मेले के सबसे महत्वपूर्ण स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के समर्थकों और पुलिस-प्रशासन के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि समर्थकों ने मेला क्षेत्र में तोड़फोड़ की और अंततः विरोध स्वरूप संगम स्नान करने से मना कर दिया।
बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत शंकराचार्य के काफिले को रोकने और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर हुई। समर्थकों का आरोप है कि प्रशासन ने शंकराचार्य के साथ उचित व्यवहार नहीं किया और उनके मार्ग में बाधा उत्पन्न की। इसी बात से नाराज होकर शिष्यों और समर्थकों ने हंगामा शुरू कर दिया। तोड़फोड़ और नारेबाजी: आक्रोशित समर्थकों ने मेला क्षेत्र में लगे कुछ बैरिकेड्स और अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंचाया। इस दौरान काफी समय तक प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी चलती रही।
स्नान का बहिष्कार
अपमान का आरोप लगाते हुए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मौनी अमावस्या का पवित्र स्नान करने से इनकार कर दिया। उनके साथ बड़ी संख्या में मौजूद अनुयायियों ने भी इस विरोध का समर्थन किया। मेला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भीड़ के भारी दबाव के कारण सुरक्षा कारणों से कुछ प्रतिबंध लगाए गए थे, जिन्हें गलत समझा गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
मेला क्षेत्र में तनाव का माहौल
लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर श्रद्धालु शांतिपूर्वक स्नान कर रहे थे, वहीं शंकराचार्य शिविर के बाहर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। वरिष्ठ अधिकारी अब मामले को शांत कराने और शंकराचार्य को मनाने की कोशिशों में जुटे हैं।
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