Mahatma Gandhi story : इस कहानी से जानिए गांधी जी ने क्यों लिया था आजीवन आधी धोती पहनने का संकल्प

punjabkesari.in Monday, Feb 16, 2026 - 01:57 PM (IST)

Mahatma Gandhi story : इतिहास के पन्नों में महात्मा गांधी को अक्सर एक अर्धनग्न फकीर के रूप में चित्रित किया गया है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि करोड़ों दिलों पर राज करने वाले इस महानायक ने जीवनभर सिर्फ आधी धोती पहनने का कठिन संकल्प क्यों लिया। यह कोई फैशन या महज दिखावा नहीं था, बल्कि भारत की उस निर्धन जनता के प्रति उनकी गहरी संवेदना थी, जिसके पास तन ढंकने के लिए पर्याप्त वस्त्र तक नहीं थे। तो आइए जानते हैं गांधी जी ने आजीवन आधी धोती पहनने का संकल्प क्यों लिया था। 

Mahatma Gandhi story

एक बार कस्तूरबा स्त्रियों की सभा में सफाई पर भाषण देने गईं। सभा की एक गरीब स्त्री उनका हाथ पकड़कर अपने घर ले गई और बोली- ‘‘बा, मैं भी सफाई से रहना चाहती हूं। लेकिन कैसे रहूं?

मेरे पास एक ही धोती है। जब नहाना होता है तो आधी धोती पहन लेती हूं और आधी भिगो लेती हूं। जब वह सुख जाती है तो उसे पहन लेती हूं और शेष आधी को भिगोती हूं।

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घर के लोगों से दूसरी धोती इसलिए नहीं मांगती क्योंकि वे पहले ही कर्जे में दबे हैं। स्त्री की करुण कहानी सुनकर कस्तूरबा की आंखें गीली हो गईं।”

उन्होंने यह घटना गांधी जी को सुनाई तो वह भी बड़े दुखी हुए। उसी दिन से गांधी जी पूरी धोती के बदले आधी धोती बांधने लगे। उन्होंने प्रतिज्ञा कर ली कि जब तक देश के सभी लोगों को तन ढकने के लिए उचित वस्त्र नहीं मिलते, मैं आधी धोती ही बांधूंगा। 

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Content Editor

Sarita Thapa

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