Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ गुफा में हो जाए इनका दर्शन तो समझ जाएं आपकी यात्रा हुई सफल
punjabkesari.in Friday, Jul 03, 2026 - 11:55 AM (IST)
legend of two immortal pigeons of the Amarnath Cave: देवाधिदेव महादेव की सबसे कठिन और पवित्र मानी जाने वाली 'अमरनाथ यात्रा' का आगाज़ 3 जुलाई 2026 से हो चुका है, जो 28 अगस्त तक चलेगी। इस दौरान लाखों श्रद्धालु दुर्गम रास्तों को पार कर बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गुफा में हिम शिवलिंग के दर्शन के साथ-साथ एक और दुर्लभ नज़ारा भक्तों की पूरी ज़िंदगी बदल सकता है? हम बात कर रहे हैं उन दो सफेद अमर कबूतरों की, जिन्हें साक्षात शिव-पार्वती का प्रतीक माना जाता है।

धरती का स्वर्ग कही जाने वाली कश्मीर घाटी में स्थित श्री अमरनाथ जी की पवित्र गुफा में प्रतिवर्ष बर्फ से बनने वाले प्राकृतिक हिमशिवलिंग की पूजा की जाती है। श्री अमरनाथ की पवित्र गुफा में भगवान शंकर ने शिव धाम की प्राप्ति करवाने वाली परम पवित्र ‘अमर कथा’ भगवती पार्वती को सुनाई थी। मान्यता है की अमरनाथ गुफा एक ऐसा स्थान है जहां भगवान शिव और माता पार्वती के साथ दो कबूतर निवास करते हैं। इसी पवित्र गुफा में भगवान शिव और माता पार्वती कई युगों से कबूतर के रूप में विराजमान हैं। इस संदर्भ में कथा यह है कि एक समय माता पार्वती द्वारा अमर होने की कथा सुनने की जिद्द करने पर भगवान शिव शंकर पार्वती को लेकर इस स्थान पर आए।

अमरत्व की कथा माता पार्वती के अलावा कोई अन्य न सुन सके इसलिए भगवान शिव ने मार्ग में अपने गले में सुशोभित नाग, माथे पर सजे हुए चंद्र को उतार कर रख दिया। इसके बाद पार्वती जी को साथ लेकर गुफा में प्रवेश किया।

शिव जी से अमर होने की कथा सुनते-सुनते माता पार्वती को नींद आ गई। इस दौरान उस गुफा में कबूतर के दो बच्चों ने जन्म लिया और उसने शिव जी से पूरी कथा सुन ली। जब शिव जी को इस बात का ज्ञान हुआ कि अमर होने की कथा कबूतरों ने सुन ली है तब उन्हें मारने के लिए आगे बढ़े।

कबूतरों ने शिव जी से कहा कि अगर आपने हमें मार दिया तो अमर होने की कथा झूठी साबित हो जाएगी। शिव जी ने तब उन कबूतरों को वरदान दिया कि तुम युगों-युगों तक इस स्थान पर शिव-पार्वती के प्रतीक बनकर निवास करोगे। अमरनाथ की गुफा में जिसे भी तुम्हारे दर्शन होंगे उन्हें शिव-पार्वती के दर्शन का पुण्य मिलेगा।

