सूरज ढलने के बाद देवी लक्ष्मी को करें आमंत्रित, खुल जाएंगे किस्मत के दरवाजे

punjabkesari.in Friday, May 20, 2022 - 07:52 AM (IST)

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Ghar mai laxmi rokne ke upay: कलयुग का समय चल रहा है और ऐसे समय में बिना धन के कोई भी कार्य संभव नहीं लगता। धन बहुत कुछ है परन्तु सब कुछ नहीं है। धन को प्रदान करने का कार्य माता लक्ष्मी का है। लक्ष्मी की प्राप्ति करना और लक्ष्मी के स्थिर स्थायित्व को प्राप्त करना और फिर उस स्थायित्व से सुख भोगना, यह सभी अलग-अलग विषय हैं। जिस प्रकार यह अलग-अलग होकर भी एक जैसे ही लगते हैं, ठीक उसी प्रकार लक्ष्मी प्राप्ति, स्थिरता एवं लक्ष्मी से सुख के उपाय भी विभिन्न होकर भी एक ही प्रक्रिया में किये जा सकते हैं। लक्ष्मी को आमंत्रित, स्थायित्व और उसका पूरा सुख प्राप्त करने के लिये ध्यान रखें ये जरुरी बातें।

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किसी भी देव आत्मा को उनकी स्तुति करके उनका पूजन करके बहुत ही जल्दी प्रसन्न किया जा सकता है। सनातन धर्म में लक्ष्मी प्राप्ति की विभिन्न क्रियाओं का वर्णन किया गया है। ज्योतिष विज्ञान की रचना करने वाले महार्षि श्री भृगु जी महाराज और माता ख्याति से उत्पन्न कन्या जिसका नाम श्री रखा गया था और बाद में उनका विवाह श्रीहरि विष्णु जी के साथ किया गया। उस माता श्री को ही लक्ष्मी के नाम से संबोधित किया गया। महार्षि भृगु जी का मानव जाती को लक्ष्मी प्राप्ति के लिये यह आर्शीवाद दिया गया था कि - जहां पर भी श्रीहरि विष्णु जी की पूजा होगी, वहां-वहां पर भाग्य में लक्ष्मी न होने पर भी लक्ष्मी जी को वहां पर आना ही होगा। जहां पर पति होगा पत्नी को भी वहीं पर ही रहना होगा। इसी कारण अगर आप पहले श्रीहरि विष्णु जी की पूजा संध्याकाल में करने के पश्चात लक्ष्मी माता को आमंत्रित करें तो वो जल्दी प्रसन्न होंगी। हे माता! आप मेरे घर पर आमंत्रित हैं और आप अपना स्थिर स्थायित्व प्रदान करने की कृपा करें। आमंत्रण के पश्चात माता लक्ष्मी जी की पूजा उपासना करते हैं तो निश्चित ही लक्ष्मी जी का आगमन और स्थिर स्थायित्व आपके घर में अवश्य होगा।

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माता लक्ष्मी की पूजा करने में उपयोग की जाने वाली सामग्री जो कि माता लक्ष्मी को अति प्रिय है जैसे कि- लाल रंग का आसन, कमल गट्टे की माला, कमल का फूल और माता लक्ष्मी का ऐसा स्वरूप जिसमें कि माता विराजमान अवस्था अर्थात बैठी हुई अवस्था में हो। माता के ऐसे स्वरूप के सनमुख बैठकर देसी घी की ज्योति जलाकर माता को आमंत्रित करें, स्थायित्व एवं सुख प्राप्ति की प्रार्थना के पश्चात माता लक्ष्मी के मंत्रों का जाप कमल गट्टे की शुद्ध माला से लाल रंग के आसन पर बैठकर करें। ऐसा करने से निश्चित ही लक्ष्मी जी का आगमन, स्थिर स्थायित्व और पूर्ण लक्ष्मी सुख भोगने का आर्शीवाद अवश्य प्राप्त होगा।

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Sanjay Dara Singh AstroGem Scientist
LLB., Graduate Gemologist GIA (Gemological Institute of America), Astrology, Numerology and Vastu (SSM)

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Content Writer

Niyati Bhandari

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