Khatu Shyam Ji Mela 2026 : खाटूश्याम मेले में उमड़ेगी आस्था की लहर, शुरुआत से पहले प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता
punjabkesari.in Tuesday, Jan 27, 2026 - 10:56 AM (IST)
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Khatu Shyam Ji Mela 2026 : विश्वप्रसिद्ध बाबा श्याम के फाल्गुनी मेले को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। श्री श्याम मंदिर समिति और जिला प्रशासन इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए कई नई व्यवस्थाएं लागू करने जा रहे हैं। खाटू श्याम नगरी में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए प्रशासन ने मेले की तैयारियों का दायरा और अधिक बढ़ा दिया है। अनुमान है कि इस वर्ष करीब 30 लाख से ज्यादा भक्त मेले में पहुंच सकते हैं। पिछले वर्षों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार मेले की अवधि चार दिन कम रखी गई है, वहीं श्रद्धालुओं के लिए 20 से अधिक नई पहल की जा रही हैं।
इस बार मेले के दौरान भंडारों से जुड़ी सभी तरह की अनुमति केवल श्याम सारथी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से दी जाएगी। इसके लिए आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा और उसी पोर्टल से वे अपनी फाइल की स्थिति भी देख सकेंगे। इससे व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और नियंत्रण बनाए रखने में मदद मिलेगी।
श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सीकर जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा ने श्याम मंदिर से जुड़ने वाली सभी सड़कों की मरम्मत और पेचवर्क का कार्य मेले से पहले पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा 52 बीघा क्षेत्र में व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। सड़कों और पार्किंग स्थलों का निरीक्षण सार्वजनिक निर्माण विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम करेगी। मंदिर समिति की ओर से सभी प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी की जाएगी।
मेले के दौरान यातायात और सुरक्षा को लेकर कई अहम फैसले लिए गए हैं। मंडा मोड़ और रींगस के खाटू मोड़ से मंदिर तक का क्षेत्र पूरी तरह नो-व्हीकल जोन रहेगा, ताकि पैदल आने वाले श्रद्धालुओं को आसानी हो। ई-रिक्शा चालकों के लिए अलग-अलग जोन तय किए जाएंगे और सीमित संख्या में ही पास जारी होंगे। बिना पास चलने वाले ई-रिक्शा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मेले में छोटी कांच की इत्र की शीशियां बेचने पर भी रोक लगाई जाएगी। मेला क्षेत्र के सभी सेक्टरों में मोबाइल मेडिकल यूनिट्स तैनात रहेंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत इलाज मिल सके। अग्निशमन वाहन और एंबुलेंस के लिए अलग से इमरजेंसी मार्ग बनाए जाएंगे। श्रद्धालुओं को जानकारी देने के लिए मंदिर और मेला परिसर में कुल 44 डिजिटल स्क्रीन लगाई जाएंगी।
मेले की अवधि में श्याम कुंड को बंद रखा जाएगा और डीजे बजाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा, ताकि धार्मिक वातावरण बना रहे। वहीं, श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए सीकर रोडवेज डिपो से करीब 200 बसों का नियमित संचालन किया जाएगा। इन सभी व्यवस्थाओं के जरिए प्रशासन और मंदिर समिति का उद्देश्य है कि फाल्गुनी मेला श्रद्धा, सुरक्षा और सुव्यवस्था के साथ संपन्न हो सके।
