आधी रात खड़े हनुमान मंदिर पहुंची प्रशासन की टीम, जांच के दौरान मशीनों ने दिया धोखा
punjabkesari.in Friday, Oct 30, 2026 - 04:29 PM (IST)
उज्जैन ( विशाल ठाकुर) : कंठाल-छत्री चौक मार्ग चौड़ीकरण की जद में आ रहे प्राचीन खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा को विस्थापित करने की प्रशासनिक कवायद एक बार फिर चर्चा में है। 26-27 अक्टूबर की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे भोपाल से आई विशेष तकनीकी टीम प्रशासनिक अधिकारियों के साथ गुपचुप तरीके से मंदिर पहुंची। टीम का उद्देश्य प्रतिमा की संरचना और जमीन के भीतर उसकी गहराई का पता लगाना था।
जांच के दौरान तकनीक ने ही अधिकारियों का साथ छोड़ दिया। प्रतिमा की जांच के लिए लाई गई एक इलेक्ट्रॉनिक अल्ट्रासोनिक मशीन बार-बार कमजोर सिग्नल का संदेश देती रही, जबकि दूसरी फुल चार्ज मशीन कुछ ही देर में डिस्चार्ज हो गई। नौबत यहां तक पहुंच गई कि मंदिर के पास स्थित एक घर से बिजली लेकर मशीन को दोबारा चार्ज करना पड़ा। करीब डेढ़ घंटे तक चली जांच के बावजूद टीम को कोई ठोस नतीजा नहीं मिला और उसे वापस लौटना पड़ा। इस दौरान एसडीएम एलएन गर्ग, स्मार्ट सिटी के असिस्टेंट सिविल इंजीनियर कमलकांत सक्सेना और पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। भोपाल से आई चार सदस्यीय टीम ने आधुनिक उपकरणों से प्रतिमा की आंतरिक संरचना जांचने का प्रयास किया।
गौरतलब है कि 30 अगस्त को प्रतिमा हटाने की कार्रवाई का श्रद्धालुओं और हिंदू संगठनों ने विरोध किया था। इसके बाद 15 सितंबर को आईआईटी इंदौर की टीम ने जीपीआर तकनीक से स्कैनिंग भी की थी, जिसकी रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आई है। वहीं, आधी रात को की गई जांच को लेकर स्थानीय रहवासियों और श्रद्धालुओं ने नाराजगी जताई है। उनका सवाल है कि आखिर प्रशासन प्रतिमा के विस्थापन को लेकर इतनी जल्दबाजी क्यों कर रहा है?
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