Kalki Jayanti 2026: कल्कि अवतार का रहस्य, संभल में होगा भगवान का जन्म, जानें उस मंदिर के बारे में जहां मूर्ति छूना है मना

punjabkesari.in Monday, Aug 17, 2026 - 10:08 AM (IST)

Kalki Jayanti 2026: सनातन धर्म में भगवान विष्णु के दशावतारों की चर्चा की गई है, जिनमें से नौ अवतार अब तक पृथ्वी पर अवतरित हो चुके हैं। भक्तों को अब प्रतीक्षा है तो उनके दसवें और अंतिम अवतार 'भगवान कल्कि' की। शास्त्रों के अनुसार, जब कलियुग अपनी चरम सीमा पर होगा और पाप का घड़ा भर जाएगा, तब अधर्म का विनाश करने और धर्मयुग (सत्ययुग) की स्थापना के लिए प्रभु कल्कि का प्राकट्य होगा।

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कब मनाई जाती है कल्कि जयंती?
धार्मिक मान्यताओं और पुराणों के अनुसार, भगवान कल्कि का अवतार श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को होगा। इसी कारण प्रत्येक वर्ष इस तिथि को 'कल्कि जयंती' के रूप में श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है। माना जाता है कि भगवान के इस अवतार के साथ ही कलियुग समाप्त हो जाएगा और पुनः सतयुग का प्रारंभ होगा, जिससे प्रजा एक बार फिर सुख-चैन से रह सकेगी।

कलियुग के वे लक्षण, जो देंगे अवतार का संकेत
धर्मग्रंथों में वर्णित है कि जैसे-जैसे घोर कलियुग आएगा, धर्म, सत्य, पवित्रता, दया और क्षमा जैसे मानवीय गुण विलुप्त होते जाएंगे। समाज में केवल उसी व्यक्ति को कुलवान और सदाचारी माना जाएगा जिसके पास धन होगा। छल-कपट और पाखंड को ही व्यवहार-कुशलता समझा जाएगा और लोग धर्म का पालन केवल यश के लिए करेंगे। विनाश के उस दौर में राजा अत्यंत निर्दयी होंगे और प्रजा भूख-प्यास व अकाल से दुखी होकर जंगलों और पहाड़ों की ओर पलायन करने लगेगी। पशुओं का आकार छोटा हो जाएगा और गौएं बकरियों की तरह कम दूध देने लगेंगी। जब हिंसा और जातीय संघर्ष अपनी पराकाष्ठा पर होगा, तब भगवान विष्णु कल्कि अवतार धारण करेंगे।

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श्रीमद्भागवत पुराण की भविष्यवाणी: कहाँ और किसके घर लेंगे जन्म?
भगवान कल्कि का अवतार कब और कहाँ होगा, इसका उत्तर श्रीमद्भागवत महापुराण के बारहवें स्कंद में मिलता है। पुराण के अनुसार: सम्भलप्राममुख्यस्य ब्राह्मणस्य महात्मन:। भवने विष्णुयशस: कल्कि प्रादुर्भविष्यति॥

इसका अर्थ है कि उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के संभल ग्राम में विष्णुयश नामक एक उदार हृदय ब्राह्मण के घर भगवान कल्कि का जन्म होगा। वे सभी 64 कलाओं से युक्त होंगे और 'देवदत्त' नामक सफेद घोड़े पर सवार होकर पापियों का संहार करेंगे।

संभल का प्राचीन मंदिर और उसका अनूठा रहस्य
उत्तर प्रदेश के संभल में जहां भगवान का अवतार होना सुनिश्चित है, वहां आज भी भगवान कल्कि का एक अत्यंत प्राचीन और भव्य मंदिर स्थित है। इस मंदिर से जुड़ी सबसे रोचक और रहस्यमयी बात यह है कि यहां स्थित भगवान कल्कि की मूर्ति को मुख्य पुजारी के अलावा कोई भी स्पर्श नहीं कर सकता है। यहां आने वाले श्रद्धालु और भक्त केवल दूर से ही भगवान के दर्शन कर सकते हैं। मंदिर परिसर में ही भगवान शिव का भी एक भव्य स्थान है।

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Content Writer

Niyati Bhandari

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