जानिए, कब मनाई जा रही है काल भैरव अष्टमी

2019-11-12T14:40:00.047

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
हिंदू धर्म में ऐसे बहुत से सारे त्योहार मनाए जाते हैं, जो अपने आप ही बहुत खास होते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को काल भैरव जयंती मनाई जाएगी। बता दें कि काल भैरव भगवान शिव का ही अंश है। भगवान भैरव से काल भी भयभीत रहता है इसलिए उन्हें कालभैरव भी कहते हैं। भैरवाष्टमी हमें काल का स्मरण कराती है। ऐसा माना जाता है कि जो व्यक्ति काल भैरव की भक्ति करता है उसके पाप दूर हो जाते हैं और मृत्यु के पश्चात इनके भक्तों को शिवलोक में स्थान प्राप्त होता है। इस साल काल भैरव 19 नवंबर को मनाया जा रहा है।
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शास्त्रों के अनुसार भैरव बाबा को शराब बहुत प्रिय है। उनके मंदिरों में शराब का प्रसाद ही अर्पित किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि भैरव बाबा को शराब चढ़ाकर हर मनोकामना पूरी की जा सकती है। 
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उपाय
काल भैरव अष्टमी के एक दिन पूर्व ऐसी शराब खरीदें जिसका रंग गौ मूत्र के समान हो। सोते समय उसे अपने तकिए को पास रखें। अगले दिन सुबह कालभैरव जयंती के दिन भैरव बाबा के मंदिर जाकर शराब को कांसे के कटोरे में डालकर आग लगा दें। इससे राहु का प्रभाव शांत होगा। मन की समस्त इच्छाएं पूर्ण होंगी।
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कालभैरव जयंती के दिन भैरव बाबा के मंदिर में जाकर शराब की बोतल चढ़ाकर किसी सफाई कर्मचारी को भेंट स्वरूप दें। इससे भी जीवन में आ रही सभी समस्याओं का अंत होगा। आय के साधनों में वृद्धि होगी।


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