Hanuman Janmotsav 2026 : कब मनाया जाएगा हनुमान जन्मोत्सव ? जानें शुभ मुहूर्त और तिथि

punjabkesari.in Thursday, Jan 29, 2026 - 11:30 AM (IST)

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Hanuman Janmotsav 2026 : हनुमान जन्मोत्सव, जिसे हम हनुमान जयंती के नाम से भी जानते हैं, हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण और पावन त्योहारों में से एक है। यह दिन शक्ति, भक्ति, साहस और निस्वार्थ सेवा के प्रतीक भगवान हनुमान के जन्म का उत्सव मनाने का दिन है। वर्ष 2026 में हनुमान जन्मोत्सव का यह पावन पर्व बेहद शुभ संयोगों के साथ आने वाला है। आइए जानते हैं हनुमान जन्मोत्सव 2026 की सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और इस दिन का विशेष महत्व।

Hanuman Janmotsav 2026

Hanuman Janmotsav 2026 Date हनुमान जन्मोत्सव 2026 तिथि 
हिंदू पंचांग के अनुसार, भगवान हनुमान का जन्म चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को हुआ था।

 पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ - 1 अप्रैल 2026, रात्रि काल से।
पूर्णिमा तिथि की समाप्ति - 2 अप्रैल 2026, शाम के समय।
उदयातिथि - हिंदू धर्म में उदयातिथि की प्रधानता के कारण जन्मोत्सव 2 अप्रैल को मनाया जाएगा।

हनुमान जन्मोत्सव का धार्मिक महत्व
भगवान हनुमान को कलयुग का जागृत देवता माना जाता है। वे भगवान शिव के 11वें अवतार हैं। इस दिन भक्त उपवास रखते हैं और बजरंगबली से सुख-समृद्धि और सुरक्षा की कामना करते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिनकी कुंडली में शनि का दोष होता है, उनके लिए इस दिन हनुमान जी की पूजा करना विशेष रूप से लाभकारी होता है।

Hanuman Janmotsav 2026

कैसे प्रसन्न करें बजरंगबली को ?

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और लाल या पीले रंग के स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

हाथ में जल लेकर व्रत या विशेष पूजा का संकल्प लें।

एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर हनुमान जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। साथ में प्रभु श्री राम और माता सीता की प्रतिमा भी जरूर रखें।

हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल मिलाकर चोला चढ़ाएं। यह उन्हें अत्यंत प्रिय है।

उन्हें मोतीचूर के लड्डू, बूंदी, या शुद्ध घी से बना हलवा अर्पित करें। साथ में तुलसी दल अवश्य रखें।

हनुमान चालीसा, बजरंग बाण, या सुंदरकांड का पाठ करें। अंत में कपूर जलाकर हनुमान जी की आरती करें।

Hanuman Janmotsav 2026

  Bajrangbali Mantras बजरंगबली के विशेष मंत्र

इस दिन इन मंत्रों का जाप करने से मानसिक शांति और शक्ति मिलती है:

मूल मंत्र: ॐ हं हनुमते नमः।

कष्ट निवारण मंत्र: अंजनीगर्भ संभूत कपीन्द्र सचिवोत्तम। रामप्रिय नमस्तुभ्यं हनुमत रक्ष सर्वदा॥

मनोकामना पूर्ति: ॐ नमो भगवते आंजनेयाय महाबलाय स्वाहा।
 


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Content Editor

Prachi Sharma

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