जन्माष्टमी की रात जरूर करें राधा रानी के इन 5 मंत्रों का जाप, रिश्तों में बढ़ेगा प्रेम और अपनापन
punjabkesari.in Thursday, Sep 03, 2026 - 12:50 PM (IST)
Janmashtami Radha Mantras : जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा के साथ-साथ श्री राधा रानी की साधना का भी विशेष महत्व है। हिंदू धर्म में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार पूरे देश में पूरे उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व 4 सितंबर, 2026 को पड़ रहा है। माना जाता है कि राधारानी के बिना श्रीकृष्ण की पूजा और भक्ति अधूरी मानी जाती है। जन्माष्टमी के दिन राधारानी के कुछ खास मंत्रों का जाप किया जाएं तो जीवन में प्रेम, मिठास और आपसी समझ बढ़ती है। तो आइए जानते हैं कि वैवाहिक जीवन में आ रही दूरी को दूर करने के लिए और रिश्ते को मजबूत करने के लिए जन्माष्टमी की रात राधारानी के कौन से मंत्रों का जाप करना चाहिए।
ॐ ह्रीं श्रीं राधिकायै नमः
यह अत्यंत सरल और चमत्कारी मंत्र है। इसका जाप करने से मन शांत रहता है, व्यक्तित्व में निखार आता है और परिवार के सदस्यों के बीच अपनापन बढ़ता है।
श्री राधे वृंदावनेश्वरी करुणावतारिणी नमस्तुते
जन्माष्टमी की रात इस मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करने से पति-पत्नी के बीच चल रहे तनाव और मतभेद समाप्त होते हैं। यह रिश्तों में नयापन और प्रेम घोलता है।
ॐ ह्रीं राधिकायै नमः
इस बीजाक्षर मंत्र का जाप करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। यदि रिश्तों में कड़वाहट आ गई हो, तो यह मंत्र आपसी विश्वास और स्नेह को पुनः जागृत करता है।
श्री कृष्णप्रियायै नमः॥
राधा जी को 'कृष्णप्रिया' कहा जाता है। इस मंत्र के जाप से घर का माहौल सकारात्मक बनता है और परिजनों के बीच आपसी तालमेल मजबूत होता है।
"ॐ श्री राधायै स्वाहा"
जन्माष्टमी की रात इस मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करने से पति-पत्नी के बीच चल रहे तनाव और मतभेद समाप्त होते हैं। यह रिश्तों में नयापन और प्रेम घोलता है।
