Janaki Jayanti 2026 : कब मनाई जाएगी जानकी जयंती, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
punjabkesari.in Sunday, Feb 08, 2026 - 03:10 PM (IST)
Janaki Jayanti 2026 : हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जानकी जयंती या सीता अष्टमी के रूप में मनाया जाता है। यह पावन दिन जगत जननी माता सीता के प्राकट्य का उत्सव है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी शुभ तिथि पर मिथिला नरेश राजा जनक को भूमि जोतते समय हल के नीचे से एक स्वर्ण कलश प्राप्त हुआ था, जिसमें देवी सीता कन्या रूप में प्रकट हुई थीं। साल 2026 में यह पर्व 9 फरवरी, सोमवार को मनाया जाएगा। यह दिन न केवल माता सीता के धैर्य, त्याग और पवित्रता को नमन करने का है, बल्कि सुखी वैवाहिक जीवन और सौभाग्य की कामना के लिए भी अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखकर माता सीता और भगवान श्रीराम की संयुक्त रूप से आराधना करते हैं, ताकि उनके जीवन में सुख-समृद्धि और शांति का वास हो सके। तो आइए जानते हैं जानकी जयंती के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में-
Janaki Jayanti Shubh Muhurat जानकी जयंती 2026 शुभ मुहूर्त
जानकी जयंती तिथि: 9 फरवरी 2026, सोमवार
अष्टमी तिथि का प्रारंभ: 9 फरवरी 2026 को सुबह 05:01 बजे से
अष्टमी तिथि का समापन: 10 फरवरी 2026 को सुबह 07:27 बजे तक।
पूजा के लिए शुभ समय (अभिजीत मुहूर्त): दोपहर 12:13 से 12:58 तक।
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:21 से 06:12 तक।

Janaki Jayanti Puja Vidhi जानकी जयंती 2026 पूजा विधि
सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और लाल या पीले रंग के स्वच्छ वस्त्र पहनें। इसके बाद हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें।
घर के मंदिर में या एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर भगवान राम और माता सीता की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
प्रतिमा पर गंगाजल छिड़कें। माता सीता को लाल चुनरी, सिंदूर और सोलह श्रृंगार अर्पित करें। भगवान राम को चंदन और पीले पुष्प चढ़ाएं।
धूप-दीप जलाएं। माता को सफेद रंग की मिठाई या घर में बनी खीर का भोग लगाएं।
'ॐ जानकीवल्लभायै नमः' मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।
पूजन के अंत में सीता माता की आरती करें। इस दिन सुहागिन महिलाओं को सुहाग का सामान दान करने से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है।

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