महल की भव्यता या दिल की उदारता? जानें एक बूढ़ी महिला ने कैसे सिखाया राजा को राजधर्म का असली पाठ

punjabkesari.in Saturday, Jan 03, 2026 - 01:17 PM (IST)

Inspirational Story : एक राजा किसी गांव में घूम रहा था। वहां उसे एक जगह बहुत पसंद आई और उसने वहां पर अपने लिए एक आलीशान महल बनवाने का निश्चय किया। कुछ ही माह में महल बनकर तैयार हो गया। राजा और उसके परिवार ने उस महल में आकर रहना शुरू कर दिया। उसी महल के सामने एक पुरानी झोंपड़ी थी, जिसमें एक बूढ़ी महिला रहती थी। सुबह-सुबह जब राजा, रानी और उनके बच्चे उठते तो उन्हें सबसे पहले बुढ़िया और उसकी झोंपड़ी नजर आती, जिसे देखकर उनका मन दुखी हो जाता। 

Inspirational Story

कुछ दिन बाद राजा ने अपने सिपाहियों को बुलाकर कहा कि बुढ़िया को कुछ धन देकर कहो कि वह अपनी झोंपड़ी यहां से हटा ले। सिपाही महिला के पास गए तो उसने किसी भी कीमत पर वहां से जाने से इंकार कर दिया। वे उसे पकड़कर राजा के पास ले आए। राजा ने उसे समझाया कि उसे राजा की आज्ञा का पालन करना चाहिए। वह चाहे तो उसकी झोंपड़ी जबरदस्ती भी वहां से हटवा सकता है।

Inspirational Story

 इस पर बुढ़िया बोली कि आप समर्थ हैं जो चाहे कर सकते हैं लेकिन इतना तो सोचिए कि जब मैं आपका इतना विशाल महल, बाग-बगीचे सब देख सकती हूं तो मेरी छोटी-सी झोंपड़ी आपकी आंखों में क्यों खटकती है? आपके पास ताकत है, लेकिन उसे एक कमजोर पर प्रयोग करने से क्या आपको अपशय नहीं लगेगा? यह सुनकर राजा बहुत लज्जित हुआ और उसने क्षमा-याचना कर उसे ससम्मान वहां से विदा किया।

Inspirational Story

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Sarita Thapa

Related News