Inspirational Context : इस कहानी में छुपा है खुश रहने का सबसे आसान मंत्र, जो कोई नहीं बताता

punjabkesari.in Wednesday, Feb 04, 2026 - 01:39 PM (IST)

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 Inspirational Context : एक बहुत ही अमीर परिवार की औरत, जिसके पास सभी सुख-सुविधाएं थीं, बहुत उदास रहती थी। पढ़ी-लिखी भी बहुत थी पर अपनी पढ़ाई का लाभ न लेते हुए हर समय गुमसुम बैठी रहती। एक दिन उसके मन में ख्याल आया कि किसी मनोचिकित्सक से मिला जाए शायद बात बन जाए।

वह महिला डॉक्टर के पास गई और बोली, ‘‘डाक्टर साहब। मुझे लगता है कि मेरा पूरा जीवन बेकार है, इसका कोई अर्थ ही समझ नहीं आता। क्या आप मेरी खुशियां ढूंढने में मेरी मदद कर सकते हैं ?’’

मनोचिकित्सक ने एक बूढ़ी औरत को बुलाया जो वहां साफ-सफाई का काम करती थी। डॉक्टर साहब ने उस अमीर औरत से कहा, ‘‘मैं इनसे यह कहने के लिए कहूंगा कि कैसे इन्होंने अपने जीवन में खुशियां ढूंढी। इन्हें ध्यान से सुनें।’’
 
उस सभ्य दिखने वाली औरत ने अपने हाथ में पकड़ा झाड़ू नीचे रखा और कुर्सी पर बैठ गई। वह बोलने लगी, ‘‘मेरे पति की मलेरिया से मृत्यु हो गई और तीन महीने बाद मेरे बेटे की सड़क हादसे में मौत हो गई। मेरे पास कोई नहीं था। मेरे जीवन में कुछ भी नहीं बचा था, मैं सो नहीं पाती थी। कुछ भी खाने को मेरा मन ही नहीं करता था।’’

‘‘मैंने मुस्कुराना तक बंद कर दिया था और मैं अपने जीवन को समाप्त करने की तरकीब सोचने लगी थी। एक दिन मैं जब काम से घर आ रही थी तो छोटा-सा बिल्ली का बच्चा मेरे पीछे लग गया। बाहर बहुत ठंड थी इसलिए मैंने उसे घर के अंदर आने दिया। उस बिल्ली के बच्चे के लिए थोड़े से दूध का इंतजाम किया और वह सारी प्लेट सफाचट कर गया। फिर वह मेरी टांगों से लिपट गया और मेरे पैर चाटने लगा।’’
 
‘‘उस दिन मैं महीनों बाद मुस्कराई। तब मैंने सोचा, यदि इस बिल्ली के बच्चे की सहायता करने से मुझे खुशी मिल सकती है तो हो सकता है कि दूसरों के लिए कुछ करके मुझे और भी ज्यादा खुशी मिले इसलिए अगले दिन मैं अपने पड़ोसी के लिए जो बीमार था, कुछ बिस्कुट बनाकर ले गई।’’

‘‘हर दिन मैं कुछ नया और कुछ ऐसा करती थी जिससे दूसरों को खुशी मिले और उन्हें खुश देखकर मुझे उनसे भी ज्यादा खुशी मिलती। आज मैंने खुशियां ढूंढी हैं तो दूसरों को खुशी देकर।’’

यह सुनकर अमीर औरत रोने लगी। उसके पास वह सब था जो वह पैसों से खरीद सकती थी लेकिन उसने वह चीज खो दी थी जो पैसे से नहीं खरीदी जा सकती थी। जीवन इस बात पर निर्भर नहीं करता कि हम कितने खुश हैं अपितु इस पर करता है कि हमारी वजह से कितने लोग खुश हैं।
 
चलिए जानते हैं कि मुस्कुराहट का महत्व क्या है ?

अगर आप अध्यापक हैं और मुस्कुराते हुए कक्षा में प्रवेश करेंगे तो देखिएगा, बच्चों के चेहरे पर मुस्कान छा जाएगी।
अगर आप डॉक्टर हैं और मुस्कुराते हुए मरीज का इलाज करेंगे तो मरीज का आत्मविश्वास दोगुना हो जाएगा।
अगर आप गृहिणी हैं तो मुस्कुराते हुए घर का हर काम कीजिए फिर देखना परिवार में खुशी का माहौल बन जाएगा।
अगर आप घर के मुखिया हैं तो मुस्कुराते हुए शाम को घर आइए। देखना पूरे परिवार में सबके चेहरे खिल उठेंगे।
अगर आप बिजनेसमैन हैं और आप खुश होकर कम्पनी में दाखिल होते हैं तो देखना सारे कर्मचारियों के मन का बोझ हल्का हो जाएगा और सारा वातावरण सौहार्दपूर्ण बन जाएगा। सभी कर्मचारी तनाव मुक्त होकर काम को जल्दी और अच्छे तरीके से निपटा देंगे।
अगर आप दुकानदार हैं और मुस्कुराकर अपने ग्राहक का सम्मान करेंगे तो वह खुश होकर बार-बार आपकी दुकान से ही सामान लेगा।
सड़क पर चलते हुए किसी अनजान व्यक्ति को देखकर मुस्कुराइए, देखना उसके चेहरे पर भी मुस्कुराहट आ जाएगी।
मुस्कुराइए क्योंकि मुस्कुराने के पैसे नहीं लगते। यह तो खुशी और सम्पन्नता की पहचान है।
मुस्कुराइए क्योंकि आपकी मुस्कुराहट कई चेहरों पर मुस्कान लाएगी।
मुस्कुराइए क्योंकि क्रोध में दिया गया आशीर्वाद भी बुरा लगता है और मुस्कुराकर कहे गए बुरे शब्द भी अच्छे लगते हैं।
मुस्कुराइए क्योंकि दुनिया का हर व्यक्ति खिले फूलों और खिले चेहरों को ही पसंद करता है।    
मुस्कुराइए क्योंकि आपकी हंसी किसी की खुशी का कारण बन सकती है।
मुस्कुराइए क्योंकि यह मनुष्य होने की पहचान है इसलिए स्वयं भी मुस्कुराइए और दूसरों के चेहरों पर मुस्कुराहट लाइए।


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Content Editor

Prachi Sharma

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