Basant Panchami 2026 Panchak Effect: पंचक के साए में होगी बसंत पंचमी, क्या मांगलिक कार्य करना रहेगा शुभ ?
punjabkesari.in Thursday, Jan 22, 2026 - 09:40 AM (IST)
Basant Panchami & Panchak 2026: इस साल बसंत पंचमी को लेकर लोगों के मन में बड़ी उलझन बनी हुई है। दरअसल, 23 जनवरी 2026 को पड़ने वाली बसंत पंचमी पर पूरे दिन पंचक का साया रहेगा। ऐसे में कई लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या पंचक के कारण इस दिन गृह प्रवेश, मुंडन, विवाह और अन्य शुभ कार्य किए जा सकेंगे या नहीं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस सवाल का स्पष्ट उत्तर क्या है, आइए जानते हैं विस्तार से।

बसंत पंचमी 2026 कब है? (Basant Panchami 2026 Date)
हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है। वर्ष 2026 में बसंत पंचमी 23 जनवरी (शुक्रवार) को मनाई जाएगी। बसंत पंचमी को सरस्वती पूजा, श्री पंचमी और सरस्वती जयंती के रूप में भी जाना जाता है। यह दिन विद्या, बुद्धि और ज्ञान की देवी मां सरस्वती को समर्पित होता है।

बसंत पंचमी को क्यों कहा जाता है अबूझ मुहूर्त?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बसंत पंचमी को अबूझ मुहूर्त माना जाता है। अबूझ मुहूर्त का अर्थ है कि इस दिन विवाह, गृह प्रवेश,
मुंडन, विद्यारंभ और नए कार्यों की शुरुआत बिना किसी विशेष मुहूर्त देखे की जा सकती है। इसी कारण आमतौर पर बसंत पंचमी को मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। बसंत पंचमी 2026 पर रहेगा पंचक का साया
वर्ष 2026 में 23 जनवरी को बसंत पंचमी के दिन पंचक रहेगा। शास्त्रों के अनुसार पंचक के दौरान सामान्यतः शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं, लेकिन बसंत पंचमी पर पंचक का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बसंत पंचमी अबूझ मुहूर्त है। अबूझ मुहूर्त पर पंचक का दोष मान्य नहीं होता। पूजा-पाठ और शुभ संस्कारों पर पंचक का प्रभाव नहीं पड़ता इसलिए पंचक होने के बावजूद बसंत पंचमी पर शुभ कार्य करने में कोई बाधा नहीं होगी।

बसंत पंचमी 2026 पर कौन-कौन से शुभ कार्य कर सकते हैं?
पंचक के बावजूद बसंत पंचमी के दिन ये कार्य किए जा सकते हैं गृह प्रवेश, मुंडन संस्कार, बच्चों का विद्यारंभ, अक्षर अभ्यास, सरस्वती पूजा, नए कार्यों की शुरुआत इन सभी कार्यों को श्रद्धा और विधि-विधान के साथ किया जा सकता है।
पंचक क्या होता है? (What is Panchak)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब चंद्रमा इन पांच नक्षत्रों में गोचर करता है, तो उस अवधि को पंचक कहा जाता है धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती।
पंचक को सामान्यतः अशुभ समय माना जाता है, जिसमें विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन, दक्षिण दिशा की यात्रा, छत डलवाना
जैसे कार्यों पर रोक मानी जाती है। हालांकि, अबूझ मुहूर्त वाले पर्वों पर पंचक दोष प्रभावी नहीं होता।
बसंत पंचमी 2026 पर भले ही पंचक रहेगा, लेकिन चूंकि यह अबूझ मुहूर्त है, इसलिए इस दिन मांगलिक और शुभ कार्यों पर कोई रोक नहीं होगी। श्रद्धा और नियमों के साथ किए गए कार्य शुभ फल प्रदान करेंगे।

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