How to Start Spiritual Journey : अध्यात्म की राह में आगे बढ़ना चाहते हैं तो अपनाएं ये दो अनमोल मंत्र

punjabkesari.in Tuesday, Jun 16, 2026 - 04:07 PM (IST)

How to Start Spiritual Journey : एक संत अपने शिष्यों को पढ़ा रहे थे तो एक शिष्य बोला, “अध्यात्म मार्ग में उन्नति पाने के लिए व्यक्ति को क्या करना चाहिए?”

How to Start Spiritual Journey

शिष्य का प्रश्न सुनकर संत बोले, “ जैसे पक्षी को उड़ान भरने के लिए 2 पंखों की आवश्यकता होती है उसी तरह अध्यात्म का मार्ग पाने के लिए भी व्यक्ति को संकल्प एवं समर्पण रूपी 2 पंखों की आवश्यकता होती है। इनके अभाव में कोई भी व्यक्ति अध्यात्म की राह नहीं पा सकता।”

यह सुनकर शिष्य बोला, “गुरु जी, क्या, अकेले संकल्प या समर्पण से अध्यात्म लाभ नहीं हो सकता?”

संत बोले, “आओ, नौका विहार करते है। इसका जवाब मैं तुम्हें वहीं दूंगा।”

यह सुनकर शिष्य संत के साथ नौका विहार के लिए तैयार हो गया। वह नौका स्थल पर पहुंचा तो संत बोले, “नाव मैं चलाता हूं।” 

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यह कह कर उन्होंने एक ही पतवार से नाव खेनी शुरू कर दी। आधा घंटा बीत गया, नाव वहीं गोल-गोल घूमने लगी। काफी देर बीतने के बाद शिष्य बोला, “गुरु जी, यह आप क्या कर रहे हैं? 

कहीं एक पतवार से भी नाव चलती है। ऐसे तो हम यहीं चक्कर खाते रहेंगे और कभी भी किनारे तक नहीं पहुंच पाएंगे।”

शिष्य की बात सुनकर संत बोले, “अब तुम्हीं बताओ जब नौका की एक पतवार हमें किनारे तक नहीं पहुंचा सकती तो खाली अकेले संकल्प या समर्पण का सहारा लेकर तुम अध्यात्म के मार्ग तक कैसे पहुंच सकते हो? 

जिस तरह दोनों पतवारों के बिना नाव खेना संभव नहीं है उसी तरह संकल्प एवं समर्पण के बिना अध्यात्म का मार्ग पाना भी संभव नहीं है।” 

संत की सीख से शिष्य की आंखें खुल गईं और वह समझ गया कि अध्यात्म के मार्ग के लिए संकल्प एवं समर्पण दोनों ही अनिवार्य हैं।

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Content Editor

Sarita Thapa

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