Hindu New Year 2021: 90 से अधिक वर्षों बाद बनेगी विचित्र स्थिति

2021-04-12T08:29:33.493

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

Nav Samvatsar 2078: विक्रम संवत 2078, 13 अप्रैल 2021 से प्रारंभ हो रहा है। चैत्र माह का नाम चित्रा नक्षत्र से पड़ा है। चैत्र माह में न केवल नव संवत्सर प्रारंभ होता है बल्कि इस माह में चैत्र नवरात्रि गणगौर, शीतला सप्तमी, मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम चंद्र जी का जन्म दिवस, हनुमान जयंती, महावीर जयंती जैसे पर्व भी आते हैं। अप्रैल 2021 मंगलवार से शुरू होकर नवसंवत्सर के दिन 2 बज कर 32 मिनट पर सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करते ही विषुवत संक्रांति आरंभ हो जाएगी। इस वर्ष संवत्सर प्रतिपदा तथा विषुवत संक्रांति दोनों एक ही दिन आरंभ हो रही हैं और यह विचित्र स्थिति 90 से अधिक वर्षों के बाद बन रही है।

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Hindu Festivals 2021: 14 अप्रैल को खरमास समाप्त होते ही नववर्ष से ही मांगलिक कार्यों की शुरूआत भी हो जाएगी। चैत्र माह हिन्दू नववर्ष का पहला माह होता है। इसी तिथि को नया पंचांग प्रारंभ होता है और वर्ष भर के पर्व, उत्सव और अनुष्ठानों के शुभ मुहूर्त निश्चित होते हैं। 

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Hindu New Year 2021: इस तरह के होंगे असर
इस वर्ष के राजा और मंत्री का पदभार स्वयं भौम देव अर्थात मंगल संभाले हुए हैं। 

भौम देव की उग्रता के साथ इसका नाम ‘राक्षस’ होने के कारण जनमानस में उग्रता के साथ दानव जैसी प्रवृत्ति का आचरण दिखाई देगा। 

इस संवत्सर में लोगों में विद्वता, भय, उग्रता, राक्षसी प्रवृत्ति पाई जाएगी। संक्रामक रोगों से सारा देश प्रभावित रहेगा। इसके साथ ही गुरु के पास वित्त विभाग होने के कारण धन की तथा बुद्ध देव के कृषि मंत्री होने के कारण अनाज की कमी नहीं होगी, चंद्रमा पर देश की रक्षा का भार है। 

शनि देव के पास कोई विभाग नहीं है। हनुमान जी की पूजा अर्चना, हनुमान चालीसा बजरंग बाण का पाठ सहायक होगा।

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Content Writer

Niyati Bhandari

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