Garuda Purana Facts : अंतिम समय मुंह में क्यों रखी जाती है तुलसी और गंगाजल, जानें धर्मिक मान्यता

punjabkesari.in Thursday, May 21, 2026 - 05:25 PM (IST)

Garuda Purana Facts : हिंदू धर्म में जन्म और मृत्यु दोनों को जीवन का सबसे बड़ा सत्य माना गया है। कहा जाता है कि जब किसी व्यक्ति के जीवन का अंतिम समय करीब आता है, तो उसके मुख में तुलसी दल और गंगाजल डाला जाता है। आपने भी कई बार देखा या सुना होगा कि अंतिम क्षणों में व्यक्ति को गंगाजल पिलाया जाता है और तुलसी पत्र मुख में रखा जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर ऐसा क्यों किया जाता है। तो आइए जानते हैं कि इसके पीछे छुपे मान्यता और महत्व के बारे में-

Garuda Purana Facts

धार्मिक शास्त्रों और मान्यताओं के अनुसार गंगाजल को मोक्षदायी बताया गया है। कहते हैं गंगाजल के छींटे मात्र से पाप नष्ट हो जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गंगाजल भगवान विष्णु के चरणों से निकली थी और महादेव की जटाओं से  होते हुए धरती पर आई थी। इसलिए गंगाजल को मोक्ष का मार्ग भी बताया गया है। कहते हैं कि इसी वजह से जब किसी व्यक्ति का अंतिम समय नज़दीक आ जाता है तब उसके मुख में गंगाजल डाला जाता है ताकि उस व्यक्ति के सारे पाप नष्ट हो जाए।  

तुलसी को हरि प्रिया भी कहा गया है क्योंकि इसे भगवान विष्णु की प्रिय माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार  तुलसी के बिना तो स्वयं श्री हरि भी भोग स्वीकार नहीं करते। वहीं, तुलसी को देवी लक्ष्मी का स्वरूप भी माना गया है। गरुड़ पुराण के अनुसार,अगर किसी व्यक्ति के अंतिम समय में तुलसी दल उसके मुंह में रख दिया जाए तो उसे श्री हरि के धाम बैकुंठ की प्राप्ति होती है। इसके अलावा माना जाता है कि मृत्यु के समय अगर मुख में गंगाजल रखा हो तो आत्मा निकलते समय यमदूत अधिक कष्ट नहीं देते हैं। इसलिए भी कहा जाता है कि मृत्यु के समय जातक को गंगाजल पिलाया जाता है।

Garuda Purana Facts

ऐसा माना जाता है कि तुलसी दल और गंगाजल के होने से पितृ  दोष या कोई भी अन्य दोष नहीं लगता। मुंह में गंगाजल और तुलसी डालते समय राधे-कृष्ण या ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करने को कहा जाता है। कहते हैं कि इससे श्री हरि नाम बल की प्राप्ति होती है। आत्मा का इस संसार के प्रति किसी भी तरह का मोह नहीं रहता और सभी प्रकार के बंधन दूर हो जाते हैं।

परंपराओं के अनुसार, मृत व्यक्ति की आत्मा की शांति के लिए अंतिम संस्कार के बाद घर या आंगन में तुलसी का पौधा लगाया जाता है। माना जाता है कि मृत्यु के बाद घर का वातावरण नकारात्मक ऊर्जा से प्रभावित होता है और शोक का प्रभाव भी बढ़ता है। इसलिए घर के वातावरण को भी साफ और सकारात्मक बनाने के लिए तुलसी का पौधा लगाया जाता है।

Garuda Purana Facts

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Sarita Thapa

Related News