Kitchen Tradition : आटे पर उंगलियों के निशान बनाने की वजह क्या है, जानें इसके पीछे जुड़ी खास मान्यताएं

punjabkesari.in Saturday, May 09, 2026 - 02:49 PM (IST)

Kitchen Tradition : खाने से जुड़े ऐसे कई नियम है जिन्हें लोग आज भी बहुत मानते हैं,चाहें उनके पीछे के असली कारण उन्हें न पता हो,लेकिन फिर भी पूरी ईमानदारी के साथ उन नियमों का पालन करते हैं। जैसे तवे को उल्टा न रखना या थाली में तीन रोटी न परोसना। ठीक उसी तरह गूंथे हुए आटे पर उंगलियों के निशान बनाने की यह परंपरा भी यूं ही नहीं है। मान्यता है कि यह छोटा सा काम नकारात्मक ऊर्जा को दूर रखने, अन्न की पवित्रता बनाए रखने और घर में सुख-समृद्धि को आमंत्रित करने से जुड़ा होता है। वहीं कुछ लोग इसे एक प्रैक्टिकल तरीका भी मानते हैं, जिससे आटे की गुणवत्ता और उपयोग बेहतर होता है। तो आइए जानते हैं  यह केवल परंपरा है या इसमें छिपा है कोई गहरा वैज्ञानिक और धार्मिक रहस्य।

Kitchen Tradition

क्यों बनाते हैं गूंथे हुए आटे पर उंगलियों से निशान?
गूंथे हुए आटे पर उंगलियों के निशान बनाने के पीछे एक पारंपरिक मान्यता जुड़ी हुई मानी जाती है। कहा जाता है कि जब आटे को पूरी तरह चिकना और गोल आकार में तैयार किया जाता है, तो उसका स्वरूप पितरों को अर्पित किए जाने वाले पिंड जैसा दिखाई देने लगता है। माना जाता है कि अगर आटा गोल और चिकना हो तो पितृ उसे पिंड समझकर आकर्षित हो सकते हैं जिससे घर में वास्तु दोष पैदा हो सकता है। इसी कारण कई घरों में आटे पर हल्के निशान बना दिए जाते हैं, ताकि वह सामान्य भोजन और पितरों को समर्पित अर्पण के बीच अलग पहचाना जा सके। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा करना शुभ माना जाता है और इससे भोजन की पवित्रता भी बनी रहती है।

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इसके अलावा कहा जाता है कि पिंड जैसे दिखने वाले आटे से बनी रोटी भी खाना अच्छा नहीं माना जाता। कहते हैं कि ऐसे आटे से बनी रोटी खाने से नकारात्क प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में आटे पर  उंगलियों के निशान बनाने से आटा पिंड जैसे नहीं लगता जिससे इसे ग्रहण करने से किसी भी प्रकार की नकारात्मकता का प्रभाव नहीं पड़ता। ये नियम सिर्फ गूंथे आटे के लिए नहीं होता बल्कि घर में जब भी कोई भी खाने की ऐसी चीज़ बनाई जाती है जो गोल हो जैसे, बाफले या बाटी तो उसमें भी हल्की सी उंगवली और अंगूठे से हल्का सा गड्ढा कर दिया जाता है कि ताकि वह भी पूरी तरह गोल न रहें।

इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण 
माना गया है कि आटा गूंथने के बाद उस पर हल्के निशान बना दिए जाते हैं, तो आटे के अंदर थोड़ी हवा जाने की जगह बनती है। इससे आटा ज्यादा देर तक मुलायम बना रह सकता है। साथ ही यह भी पता चल जाता है कि आटा ताजा गूंथा गया है और उसे दोबारा इस्तेमाल या मिलाया नहीं गया है। पुराने समय में जब संयुक्त परिवार होते थे, तब यह तरीका पहचान के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता था।

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Content Editor

Sarita Thapa

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