Galileo Galilei Story : इस कहानी से जानें, कैसे गैलीलियो का सिद्धांत बन गया विज्ञान का आधार

punjabkesari.in Friday, May 15, 2026 - 12:30 PM (IST)

Galileo Galilei Story : महान वैज्ञानिक गैलीलियो को अपनी खोजों के आधार पर पूर्ण विश्वास हो गया था कि ब्रह्मांड का केंद्र सूर्य है और पृथ्वी तथा अन्य ग्रह उसकी परिक्रमा कर रहे हैं। गैलीलियो का यह सिद्धांत उन दिनों धर्मग्रथों में प्रचलित विचारधारा के विरुद्ध था। उन दिनों पृथ्वी को स्थिर और सूर्य को उसकी परिक्रमा करते हुए बताया जाता था। गैलीलियो को रोम में पादरियों के सम्मुख उपस्थित होना पड़ा। उनसे पूछा गया, “गैलीलियो, क्या यह सत्य है कि तुमने अपनी कक्षाओं में विद्यार्थियों को यह पढ़ाया है कि सूर्य स्थिर है और पृथ्वी घूमती है।

गैलीलियो ने कहा, “जी हुजूर, फिर पूछा गया, “क्या तुमने यह भी विद्यार्थियों को सिखाया है कि ब्रह्मांड का केंद्र पृथ्वी नहीं सूर्य है?” 

गैलीलियो बोले, “जी हां, ऐसा ही कहा है।” फिर प्रश्न किया गया, “मगर क्या तुम भूल गए कि धरती स्थिर है और सूर्य उसका चक्कर लगाता है।” 

पादरियों ने पुन: प्रश्न किया, फिर भी तुमने इस प्रकार गलत पढ़ाने का दुस्साहस किया? गैलीलियो ने कहा, दुस्साहस नहीं, यह तो सत्य है। जो कुछ मैंने आध्ययनों में पाया उसे सही-सही प्रस्तुत करना तो मेरा कर्त्तव्य था। मैंने असत्य के स्थान पर सत्य को स्थापित करना चाहा था।

पादरी बोले, “बंद करो अपनी यह बकवास, खबरदार, जो आगे से तुमने अपने बेतुके सिद्धांतों का प्रतिपादन किया।” 

गैलीलियो ने अपने सिद्धांत को हर तरह से समझाने की कोशिश की, लेकिन वे सुनने वाले नहीं थे। अनावश्यक विरोध से कोई लाभ न होता देख गैलीलियो ने पादरियों की आज्ञा का पालन करने का वचन दिया। लेकिन शांत रहते हुए भी वह अपने अध्ययनों में जुटे रहे, निरंतर सत्य की खोज में लगे रहे। आज दुनिया गैलीलियो के सिद्धांत पर ही आगे  बढ़ रहीं है।


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Content Editor

Sarita Thapa

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