Ekadashi April 2026 Date : अप्रैल में खुलेगा बैकुंठ का द्वार! जानें कब है वरूथिनी और मोहिनी एकादशी, नोट कर लें शुभ मुहूर्त

punjabkesari.in Sunday, Mar 29, 2026 - 02:14 PM (IST)

Ekadashi April 2026 Date : हिंदू पंचांग के अनुसार, अप्रैल 2026 का महीना आध्यात्मिक ऊर्जा और भगवान विष्णु की विशेष कृपा लेकर आ रहा है। इस माह में दो अत्यंत फलदायी एकादशियां- वरूथिनी एकादशी और मोहिनी एकादशी पड़ रही हैं। शास्त्र कहते हैं कि जहां वरूथिनी व्यक्ति के संकटों से रक्षा कर उसे सौभाग्य का वरदान देती है, वहीं मोहिनी का व्रत साधक को सांसारिक मोह-माया के बंधनों से मुक्त कर मानसिक शांति और मोक्ष की राह दिखाता है। वैशाख मास में पड़ने वाली इन एकादशियों का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह समय दान-पुण्य और आत्म-शुद्धि के लिए श्रेष्ठ माना गया है। मान्यता है कि इस दिन पूरे विधि-विधान से पूजा करने और व्रत रखने से विष्णु जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। तो आइए जानते हैं अप्रैल 2026 में इन एकादशियों की  तारीख, शुभ मुहूर्त और व्रत पारण का सही समय।

Ekadashi April 2026 Date

वरूथिनी एकादशी 2026 तिथि और शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की वरूथिनी एकादशी की तिथि 13 अप्रैल 2026 को पड़ रही है। इस पावन तिथि का आगाज़ मध्य रात्रि के बाद 01:16 बजे से होगा, जबकि तिथि का समापन अगले दिन यानी 14 अप्रैल को देर रात 01:08 बजे होगा। उदयातिथि की मान्यता के अनुसार, व्रत और पूजन 13 अप्रैल को ही संपन्न किया जाएगा।

वरूथिनी एकादशी व्रत पारण : जो भक्त 13 अप्रैल को उपवास रखेंगे, वे अगले दिन यानी 14 अप्रैल को सूर्योदय के पश्चात सुबह 06:54 बजे से 08:31 बजे के बीच अपना व्रत खोल  सकते हैं।

मोहिनी एकादशी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
वैशाख शुक्ल पक्ष की प्रसिद्ध मोहिनी एकादशी का व्रत इस साल 27 अप्रैल 2026 को रखा जाएगा। पंचांग के मुताबिक, एकादशी तिथि की शुरुआत 26 अप्रैल को शाम 06:06 बजे से हो जाएगी, जो अगले दिन 27 अप्रैल को शाम 06:15 बजे तक बनी रहेगी। चूंकि सूर्योदय के समय एकादशी तिथि 27 तारीख को होगी, इसलिए मुख्य व्रत इसी दिन मान्य होगा।

मोहिनी एकादशी व्रत पारण : मोहिनी एकादशी के व्रत का विधिवत समापन करने के लिए शुभ समय 28 अप्रैल की सुबह 05:43 बजे से 08:21 बजे तक रहेगा।

Ekadashi April 2026 Date

एकादशी व्रत के नियम 
चावल का त्याग: एकादशी के दिन घर में चावल नहीं बनाना चाहिए और न ही उसका सेवन करना चाहिए।

सात्विक आहार: व्रत के दौरान लहसुन, प्याज और तामसिक भोजन से दूर रहें। दशमी की रात से ही सात्विक भोजन ग्रहण करें।

ब्रह्मचर्य और मौन: इस दिन मन को शांत रखें, किसी की निंदा न करें और ब्रह्मचर्य का पालन करें।

जागरण: संभव हो तो एकादशी की रात भगवान विष्णु के भजनों का कीर्तन या जागरण करें।

Ekadashi April 2026 Date

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Sarita Thapa

Related News