Easter 2026: गुड फ्राइडे के बाद क्यों मनाया जाता है ईस्टर? जानें पुनर्जीवन और नई शुरुआत से जुड़ी परंपराएं
punjabkesari.in Saturday, Apr 04, 2026 - 10:45 AM (IST)
Easter 2026: ईसाई धर्म का प्रमुख त्योहार ईस्टर Easter हर साल गुड फ्राइडे Good Friday के बाद मनाया जाता है। वर्ष 2026 में ईस्टर 5 अप्रैल को मनाया जाएगा। यह दिन यीशु मसीह Jesus Christ के पुनर्जीवन (Resurrection) की खुशी में मनाया जाता है और इसे ईसाई समुदाय में विशेष आस्था और उत्साह के साथ मनाया जाता है।

ईस्टर क्यों मनाया जाता है?
ईसाई धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुड फ्राइडे के दिन ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था। इसके तीन दिन बाद, रविवार को वे पुनर्जीवित हो गए। इसी घटना की स्मृति में ईस्टर मनाया जाता है, जिसे ईस्टर संडे या ईस्टर रविवार भी कहा जाता है।
यह पर्व मृत्यु पर जीवन की जीत का प्रतीक है। आशा और नए आरंभ का संदेश देता है। ईसा मसीह Jesus Christ के चमत्कारों में से एक माना जाता है।

ईस्टर के दिन क्या-क्या किया जाता है?

विशेष प्रार्थना सभाएं
ईस्टर के दिन चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन होता है। श्रद्धालु मोमबत्तियां जलाते हैं। पवित्र भजन और गीत गाए जाते हैं।
सामूहिक प्रार्थना की जाती है।

रंग-बिरंगे अंडों की परंपरा
ईस्टर पर अंडों को रंग-बिरंगे तरीके से सजाने की परंपरा बेहद लोकप्रिय है।

अंडों पर सुंदर डिजाइन बनाए जाते हैं
इन्हें एक-दूसरे को उपहार में दिया जाता है। अंडा नए जीवन और पुनर्जन्म का प्रतीक माना जाता है।

ईस्टर एग हंट
ईस्टर के दिन बच्चों के बीच एग हंट खेल खासा लोकप्रिय होता है। घर या बगीचे में अंडे छिपाए जाते हैं, फिर बच्चे उन्हें ढूंढते हैं। यह खेल मनोरंजन के साथ-साथ धार्मिक महत्व को भी दर्शाता है।

पारंपरिक व्यंजन
इस दिन खास व्यंजन बनाए जाते हैं, जैसे हॉट क्रॉस बन्स, केक और मिठाइयां। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में क्षेत्रीय व्यंजनों का भी विशेष महत्व होता है।

नए कपड़े पहनने की परंपरा
ईस्टर पर नए कपड़े पहनना भी शुभ माना जाता है। यह नए जीवन और नई शुरुआत का प्रतीक है।

दान-पुण्य का महत्व
इस पवित्र दिन पर गरीब और जरूरतमंदों को भोजन कराया जाता है। कपड़े और अन्य आवश्यक वस्तुएं दान की जाती हैं। यह परंपरा प्रेम, सेवा और करुणा का संदेश देती है। ईस्टर केवल एक धार्मिक त्योहार नहीं, बल्कि यह आशा, विश्वास और नए जीवन का प्रतीक है। यीशु मसीह Jesus Christ के पुनर्जीवन की यह कथा लोगों को सकारात्मकता और मानवता का संदेश देती है।

