देवी दुर्गा लाल और मां सरस्वती सफेद वस्त्र क्यों धारण करती हैं ? जानें इन रंगों का आध्यात्मिक रहस्य
punjabkesari.in Saturday, Mar 07, 2026 - 04:12 PM (IST)
Durga Saraswati Divine Colors Meaning : जब हम किसी मंदिर में प्रवेश करते हैं या घर के पूजा स्थल की ओर देखते हैं, तो देवी दुर्गा का तेजस्वी लाल स्वरूप हमारे भीतर साहस और ऊर्जा का संचार करता है, वहीं मां सरस्वती की सफेद आभा मन को एक अपूर्व शांति और एकाग्रता से भर देती है। सनातन परंपरा में इन रंगों का चयन केवल संयोग मात्र नहीं है। सनातन दर्शन में रंग केवल दृश्य नहीं होते, बल्कि वे गुण और तत्व के वाहक होते हैं। मां दुर्गा का लाल वस्त्र धारण करना उनके भीतर छिपी उस महाशक्ति और प्रचंड ऊर्जा का संकेत है जो अधर्म का विनाश करने के लिए सदैव तत्पर रहती है। दूसरी ओर, विद्या की अधिष्ठात्री मां सरस्वती का श्वेत श्रृंगार उस परम ज्ञान, पवित्रता और सात्विकता को दर्शाता है जो मनुष्य को अज्ञानता के अंधकार से मुक्त कर मोक्ष की ओर ले जाता है। तो आइए, मां दुर्गा और मां सरस्वती के ये वस्त्र हमें जीवन के किन दो सबसे बड़े सत्यों से रूबरू कराते हैं।

देवी दुर्गा और लाल रंग: ऊर्जा और पराक्रम का प्रतीक
मां दुर्गा को शक्ति का अवतार माना जाता है। लाल रंग रजोगुण का प्रतीक है, जो ऊर्जा, उत्साह और गति को दर्शाता है। मां दुर्गा बुराई का विनाश करने और संसार की रक्षा करने के लिए सदैव गतिशील रहती हैं। लाल रंग अग्नि का भी प्रतीक है। जिस प्रकार अग्नि अशुद्धियों को जलाकर भस्म कर देती है, उसी प्रकार माँ दुर्गा का लाल स्वरूप भक्तों के पापों और भय का नाश करता है।
लाल रंग जीवन, रक्त और उर्वरता से जुड़ा है। यह दर्शाता है कि देवी ही समस्त सृष्टि की जननी हैं और उन्हीं से संपूर्ण ब्रह्मांड संचालित होता है।

मां सरस्वती और सफेद' रंग: ज्ञान और सात्विकता की आभा
विद्या की देवी मां सरस्वती का स्वरूप पूर्णतः शांत और सौम्य है। सफेद रंग 'सत्वगुण' का प्रतीक है। ज्ञान प्राप्ति के लिए मन का शांत, एकाग्र और निर्मल होना अनिवार्य है। माँ का सफेद स्वरूप यह सिखाता है कि सच्चा ज्ञान वहीं टिकता है जहां अहंकार का अंधकार न हो। सफेद रंग में कोई मिलावट नहीं होती। यह सत्य और निस्वार्थ प्रेम का प्रतीक है। शिक्षा और कला का उद्देश्य भी आत्मा को पवित्र बनाना है, इसीलिए माँ सरस्वती श्वेत वस्त्र धारण करती हैं। मां सरस्वती के हाथों में वीणा और श्वेत वस्त्र हमें यह संदेश देते हैं कि बुद्धि का प्रयोग हमेशा शांति और सृजन के लिए होना चाहिए, न कि विनाश के लिए।
जीवन का संतुलन: लाल और सफेद का मेल
इन दो रंगों का रहस्य हमें जीवन जीने की कला सिखाता है।
लाल रंग (दुर्गा): हमें सिखाता है कि अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने के लिए हमारे अंदर साहस और ऊर्जा होनी चाहिए।
सफेद रंग (सरस्वती): हमें सिखाता है कि शक्ति होने के बावजूद हमारे स्वभाव में शीतलता, विनम्रता और ज्ञान का प्रकाश होना चाहिए।

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