धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाएं दिल्लीवासी: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
punjabkesari.in Friday, Oct 16, 2026 - 01:55 PM (IST)
नई दिल्ली (नवोदय टाइम्स): मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आस्था और पर्यावरण संरक्षण को दिल्ली सरकार साथ लेकर चलेगी। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि दिल्लीवासी धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाएं। दिल्ली नगर निगम व एक एनजीओ के बीच खंडित मूर्तियों के सम्मानजनक संग्रहण के लिए क्योस्क बनाए जाने को लेकर करार किया गया। इसके तहत पहले चरण में निगम के विभिन्न वार्डों में 250 संग्रहण केंद्र बनाए जाएंगे। जिसमें लोग धार्मिक अनुष्ठानों के बाद खंडित मूर्तियों और उनसे संबंधित पूजा-सामग्री को सम्मानपूर्वक जमा कर सकेंगे।
जहां एकत्रित सामग्री का उचित प्रबंधन, पृथक्करण और पुनर्चक्रण किया जाएगा। इसका उद्देश्य मूर्तियों और पूजा-सामग्री को सार्वजनिक स्थानों, सड़कों तथा जल निकायों में अनियंत्रित रूप से फेंकने या विसर्जित करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाना है। कार्यक्रम में नगर निगम में मेयर प्रवेश वाही, नगर निगम की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा, नेता सदन जयभगवान यादव, निगम आयुक्त संजीव खिरवार आदि मौजूद रहे। सीएम रेखा गुप्ता ने इसे स्वच्छ, हरित और पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ दिल्ली के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत की धार्मिक परंपराएं हमें प्रकृति और समस्त जीव-जगत का सम्मान करना सिखाती हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे खंडित मूर्तियों और पूजा-सामग्री को निर्धारित संग्रहण केंद्रों पर ही जमा करें।
उल्लेखनीय है कि खंडित मूर्तियों के संग्रहण के लिए बनाए जा रहे क्योस्क का संचालन नगर निगम करेगा। मूर्ति संग्रहण केंद्रों का औपचारिक हस्तांतरण होने के बाद उनके दैनिक संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी नगर निगम और संबंधित सरकारी प्राधिकरणों की होगी। निगम इन केंद्रों पर कर्मचारियों की तैनाती, स्वच्छता, रखरखाव, सामग्री के संग्रहण और एकत्रित सामग्री को अधिकृत स्थलों तक पहुंचाने और निगरानी की व्यवस्था करेगा। मेयर प्रवेश वाही ने कहा कि मूर्ति संग्रहण केंद्रों की व्यवस्था धार्मिक सामग्री के उचित प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे नागरिकों को खंडित मूर्तियों और पूजा-सामग्री को सम्मानपूर्वक जमा करने के लिए निर्धारित स्थान मिलेंगे और सार्वजनिक स्थलों पर ऐसी सामग्री के बिखराव को रोकने में मदद मिलेगी। फिलहाल 60 क्योस्क स्थापित किए जा चुके हैं जल्द ही शेष भी लगाए जाएंगे।
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