Crying During Prayer Meaning : क्या आपकी प्रार्थना सुन ली गई है ? जानिए पूजा के दौरान गिरने वाले आंसुओं का गुप्त अर्थ
punjabkesari.in Thursday, Jan 15, 2026 - 12:29 PM (IST)
Crying During Prayer Meaning : अक्सर हम मंदिर में माथा टेकते समय या घर पर दीपक जलाकर प्रार्थना करते समय एक अजीब सी अनुभूति से गुजरते हैं। अचानक बिना किसी दुख या बाहरी कारण के हमारी आंखों से आंसू छलकने लगते हैं। उस पल में मन इतना भावुक हो जाता है कि हम चाहकर भी खुद को रोक नहीं पाते। क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है। क्या यह सिर्फ एक मानवीय भावना है या इसके पीछे कोई गहरा आध्यात्मिक रहस्य छिपा है। तो आइए जानते हैं पूजा के दौरान गिरने वाले आंसुओं के गुप्त अर्थ के बारे में-

आत्मा का परमात्मा से सीधा जुड़ाव
पूजा के समय रोना इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है कि आपका मन बाहरी दुनिया से कटकर पूरी तरह ईश्वर में लग चुका है। जब हमारी आत्मा परमात्मा के संपर्क में आती है, तो हृदय गदगद हो जाता है। यह इस बात का संकेत है कि आपकी पुकार उस परम सत्ता तक पहुंच चुकी है।
चित्त और अंतरात्मा की शुद्धि
शास्त्रों के अनुसार, आंसू केवल आंखों से नहीं, बल्कि हृदय से निकलते हैं। पूजा के दौरान आंखों का नम होना यह दर्शाता है कि आपके अंदर की नकारात्मकता, दबे हुए दुख और विकार बाहर निकल रहे हैं। यह एक तरह की आध्यात्मिक क्लींजिंग है, जो आपके मन को दर्पण की तरह साफ कर देती है।

अहंकार का पिघलना
ईश्वर के सामने वही रो सकता है जिसका अहंकार शून्य हो चुका हो। जब इंसान को यह अहसास होता है कि वह ईश्वर के सामने बहुत छोटा है और वही उसका एकमात्र सहारा है, तब उसकी आंखों से प्रेमाश्रु बहने लगते हैं। यह समर्पण का सबसे उच्चतम स्तर है।
पिछले जन्मों के संस्कारों का उदय
कई बार हम बिना किसी विशेष दुख के भी रो पड़ते हैं। विद्वानों का मानना है कि यह हमारे पूर्व जन्मों के संचित संस्कारों का फल होता है। जब हमारी सुप्त चेतना जागती है, तो वह आंसुओं के माध्यम से अपनी खुशी या विरह व्यक्त करती है।
क्या आपकी प्रार्थना सुन ली गई है ?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि पूजा के दौरान आपकी आंखों में पानी आता है और आपका शरीर रोमांचित हो जाता है, तो यह संकेत है कि ईश्वर ने आपकी उपस्थिति स्वीकार कर ली है। यह आपकी सफल साधना और सच्ची श्रद्धा की गवाही है।

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
