Chandra Grahan 2026: चंद्रग्रहण का इन 2 राशियों की Love Life पर पड़ सकता है नकारात्मक प्रभाव, जानें सावधानियां और उपाय
punjabkesari.in Tuesday, Mar 03, 2026 - 08:20 AM (IST)
Chandra Grahan 2026: 3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। ज्योतिष गणनाओं के अनुसार यह ग्रहण सूर्य की राशि सिंह में घटित होगा। वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा को मन, भावनाओं और रिश्तों का कारक माना गया है, ऐसे में चंद्रग्रहण का प्रभाव विशेष रूप से प्रेम संबंधों और वैवाहिक जीवन पर देखा जाता है। ज्योतिषीय दृष्टि से इस ग्रहण का प्रभाव विशेष तौर पर दो राशियों पर अधिक पड़ सकता है। इन राशियों के जातकों को अपने संबंधों में सतर्कता, संयम और समझदारी से काम लेने की सलाह दी जा रही है। आइए जानते हैं कौन-सी हैं वे राशियां और क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।

मेष राशि: प्रेम जीवन में बढ़ सकती है गलतफहमियां
मेष राशि के जातकों के लिए यह चंद्रग्रहण पंचम भाव में लगेगा। पंचम भाव को ज्योतिष में प्रेम, भावनाएं और रोमांस का भाव माना जाता है। इस भाव में ग्रहण लगने से प्रेम संबंधों में तनाव, गलतफहमी और भावनात्मक दूरी की स्थिति बन सकती है। संभावना है कि किसी तीसरे व्यक्ति का हस्तक्षेप आपके रिश्ते में खटास ला सकता है। छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद बढ़ सकते हैं। ऐसे में आपको अहंकार और क्रोध पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता होगी। विवाहित जातकों को विशेष रूप से बेवजह शक करने से बचना चाहिए। संवाद की कमी रिश्ते को कमजोर कर सकती है। किसी भी बड़े निर्णय से पहले धैर्य और समझदारी से काम लें।
उपाय: भगवान शिव का पूजन करें और सोमवार के दिन शिवलिंग पर जल अर्पित करें। इससे मानसिक संतुलन और रिश्तों में मधुरता बनी रह सकती है।

कुंभ राशि: वैवाहिक जीवन में बन सकती है अलगाव की स्थिति
कुंभ राशि के जातकों के लिए यह चंद्रग्रहण सप्तम भाव में लगेगा। सप्तम भाव विवाह, जीवनसाथी और साझेदारी का प्रतिनिधित्व करता है। इस भाव में ग्रहण लगना वैवाहिक जीवन के लिए चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इस दौरान जीवनसाथी के प्रति आपका व्यवहार कठोर या उदासीन हो सकता है, जिससे संबंधों में दूरी बढ़ सकती है। यदि कोई जातक पहले से ही किसी अन्य संबंध में उलझा हुआ है, तो उसका खुलासा होने की संभावना भी बन सकती है, जिससे अलगाव या गंभीर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। प्रेम संबंधों में पड़े कुंभ राशि के जातकों को भी पारदर्शिता और ईमानदारी बनाए रखने की सलाह दी जाती है। दोहरी भूमिका निभाने से व्यक्तिगत जीवन में अस्थिरता बढ़ सकती है।
उपाय: 10 वर्ष से कम आयु की कन्याओं को वस्त्र या उपहार भेंट करें। साथ ही अपने जीवनसाथी के प्रति ईमानदारी और सम्मान का भाव रखें।

क्या रखें विशेष ध्यान?
किसी भी भावनात्मक निर्णय में जल्दबाजी न करें।
संवाद को प्राथमिकता दें।
क्रोध और अहंकार से बचें।
ग्रहण काल में ध्यान और मंत्र जाप लाभकारी रहेगा।
ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि ग्रहण का प्रभाव स्थायी नहीं होता, लेकिन यह हमारे मन और व्यवहार को प्रभावित कर सकता है। इसलिए संयम और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना ही सर्वोत्तम उपाय है।

