चाणक्य नीति के अनुसार, जानें सफल वैवाहिक जीवन के लिए पति-पत्नी की उम्र में कितना अंतर होता है सही ?
punjabkesari.in Friday, Jun 05, 2026 - 02:25 PM (IST)
Chanakya Niti for Marriage : आचार्य चाणक्य को भारतीय इतिहास का सबसे महान नीतिशास्त्री और कूटनीतिज्ञ माना जाता है। चाणक्य नीति में जीवन के हर पहलू के बारे में बहुत ही विस्तार से बताया गया है। उनकी में से एक शादी के लिए लड़का और लड़की में उमर के अंतर के बारे में। शादी करने से पहले लड़का और लड़की की कुंडली मिलाई जाती है और दोनों की उमर के अंतर को भी देखा जाता है। लेकिन प्रेम विवाह करने वाले इन चीजों में विश्वास नहीं करते हैं। उन लोगों के लिए उमर और कुंडली मिलवाना कोई मायने नहीं रखता है। वहीं, अरेंज मैरिज कर रहे लोग इन चीजों का बहुत खास ध्यान रखते हैं। नीति शास्त्र के अनुसार, जितना लड़का और लड़की की उमर में अंतर होगा, उसका प्रभाव वैवाहिक जीवन में पर वैसा ही देखने को मिलेगा। चाणक्य का कहना है कि पति-पत्नी की उम्र में अंतर होना बहुत जरूरी होता है। इससे दांपत्य जीवन में खुशहाली और मधुरता बनी रहती है। तो आइए जानते हैं आचार्य चाणक्य के अनुसार, पति-पत्नी की उम्र में कितने साल का अंतर होना चाहिए।
पति-पत्नी की उम्र में कितना होना चाहिए अंतर ?
आचार्य चाणक्य के अनुसार, पति-पत्नी की उम्र में 3 या 5 साल का अंतर होना बहुत जरूरी होता है। चाणक्य का कहना है कि लड़की की उमर लड़के से कम ही होनी चाहिए क्योंकि पति-पत्नी के बीच जितना उमर का अंतर होगा, दोनों के बीच प्यार और समझारी उतनी ही बढ़ेगी। साथ वैज्ञानिक दृष्टि से भी दोनों के बीच अंतर होना बहुत बेहतर माना जाता है। इससे दोनों रिश्ते में ही नहीं बल्कि सेहत पर भी अच्छा प्रभाव पड़ता है।
शादी करने से पहले ओर किन चीजों का ध्यान रखना चाहिए ?
आचार्य चाणक्य के अनुसार, किसी भी लड़के को अपने से छोटी उमर की लड़की से शादी नहीं करनी चाहिए। नहीं तो दोनों के बीच कलह-कलेश बना रहेगा और शादी ज्यादा देर तक नहीं चल सकेगी। इसके साथ ही शादी करने से पहले दोनों को एक-दूसरे के बारे में सब चीजें पता होनी चाहिए। दोनों को यह पता होना चाहिए कि कहीं उसके होने वाले पार्टनर में किसी तरह की शारीरिक या मानसिक समस्या तो नहीं है, जिससे भविष्य में दोनों को किसी प्रकार की कोई परेशानी का सामना न करना पड़ें।
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