Chaitra Purnima 2026: चैत्र पूर्णिमा की रात करें ये 3 उपाय, मां लक्ष्मी की कृपा से घर में होगी धन-धान्य की वृद्धि
punjabkesari.in Wednesday, Apr 01, 2026 - 10:31 AM (IST)
Chaitra Purnima 2026: हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व माना जाता है और साल में पड़ने वाली सभी 12 पूर्णिमा में चैत्र पूर्णिमा का अपना अलग स्थान है। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान राम के परम भक्त हनुमान जी का जन्म हुआ था, इसलिए यह दिन हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti) के रूप में भी मनाया जाता है।
चैत्र पूर्णिमा के दिन स्नान, दान और पूजा-पाठ का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए पुण्य कार्यों का कई गुना फल मिलता है। वहीं, रात के समय कुछ विशेष उपाय करने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।

चैत्र पूर्णिमा 2026 कब है?
इस वर्ष चैत्र पूर्णिमा तिथि 01 अप्रैल 2026 को सुबह 07:06 बजे से शुरू होकर 02 अप्रैल 2026 को सुबह 07:41 बजे तक रहेगी।
उदयातिथि के आधार पर Chaitra Purnima 02 अप्रैल 2026, गुरुवार को मनाई जाएगी। इसी दिन स्नान-दान, पूजा-पाठ और हनुमान जयंती का पर्व भी मनाया जाएगा।
चैत्र पूर्णिमा की रात करें ये 3 विशेष उपाय
ईशान कोण में दीपक जलाएं
चैत्र पूर्णिमा की शाम प्रदोष काल में विधि-विधान से मां लक्ष्मी की पूजा करें और घर के उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में दीपक जलाएं। मान्यता है कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है।

श्रीसूक्त का पाठ करें
रात्रि के समय मां लक्ष्मी के समक्ष दीपक जलाकर श्रद्धा के साथ श्रीसूक्त का पाठ करें। इससे आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
चंद्र देव को अर्घ्य दें
पूर्णिमा की रात चंद्रमा को कच्चे दूध, चीनी और चावल मिलाकर अर्घ्य अर्पित करें। ऐसा करने से मानसिक शांति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है।

स्नान-दान का विशेष महत्व
चैत्र पूर्णिमा पर पवित्र नदियों में स्नान और दान करने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। मान्यता है कि इस दिन किए गए दान-पुण्य से सभी पापों का नाश होता है और जीवन में खुशहाली आती है।

